शाहजहांपुर। नगर निगम के 36 पार्षदों ने शुक्रवार को महापौर अर्चना वर्मा से मुलाकात कर अपर नगर आयुक्त अजय त्रिपाठी की कार्यशैली पर सवाल उठाए। पार्षदों ने ज्ञापन सौंपकर अपर नगर आयुक्त को निर्माण विभाग के कार्यों से तत्काल हटाने की मांग की।
ज्ञापन में पार्षदों ने कहा कि मुख्य अभियंता सीधे नगर आयुक्त के प्रति उत्तरदायी होते हैं। इसके बावजूद तकनीकी फाइलों को रोककर निर्माण कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप किया जा रहा है, जिससे विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
पार्षद राजपाल राठौर ने आरोप लगाया कि अपर नगर आयुक्त अजय त्रिपाठी के पास जनप्रतिनिधि अपनी समस्याएं लेकर जाते हैं, लेकिन उनकी बात न तो सुनी जाती है और न ही सम्मानजनक व्यवहार किया जाता है। पार्षद जगदीश कुशवाहा ने कहा कि जमीनी स्तर पर विकास कार्य ठप हैं और जनता की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
पार्षद विनय सक्सेना ने कहा कि शहर के वार्डों में करीब 20 प्रतिशत स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। सफाई और सड़क निर्माण के कई कार्य महीनों से लंबित हैं, लेकिन इन समस्याओं के समाधान की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
महापौर अर्चना वर्मा ने पार्षदों की शिकायतें सुनने के बाद मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान पार्षद शिवओम सक्सेना, अरुण सिंह, अनूप गुप्ता, दिलीप गुप्ता, रामबरन सिंह, रूपेश वर्मा, विपिन यादव, लालू पुजारी आदि मौजूद रहे।
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पार्षदों ने मेरे संबंध में महापौर से क्या शिकायत की है, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। पार्षद अगर मेरे पास आकर समस्याएं बताते तो मुझे इसके बारे में मालूम होता। अगर मेरे पास शिकायत आएगी तो समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
-अजय त्रिपाठी, अपर नगर आयुक्त