निगोही के ग्राम ढकिया तिवारी में जांच करने पहुंचे एसडीएम सदानंद सरोज। स्रोत: जागरूक पाठक
निगोही। इंजेक्शन लगाने के बाद किसान पवन सिंह की मौत के बाद झोलाछाप के खिलाफ अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। रविवार को तिलहर एसडीएम, निगोही सीएचसी प्रभारी और थाना प्रभारी जांच करने झोलाछाप की दुकान पर पहुंचे। दुकान में कास्मेटिक का सामान भरा मिला। अधिकारी जांच के बाद रिपोर्ट डीएम को भेजेंगे।
निगोही के गांव ढकिया तिवारी के रहने वाले नन्हे सिंह ने बताया था कि उनके भाई पवन सिंह को शनिवार पूर्वाह्न 11 बजे सीने में दर्द की दिक्कत हुई थी। वह भतीजे गुरमेल सिंह के साथ गांव के झोलाछाप की दुकान पर पहुंचे। वहां पर झोलाछाप ने जल्द आराम मिलने की बात कहते हुए दो इंजेक्शन लगा दिए।
इंजेक्शन लगाने के थोड़ी देर बाद ही पवन के पूरे शरीर में तेज जलन होने लगी। वे लोग पवन को लेकर निगोही सीएचसी पहुंचे जहां डॉ. नितिन चौधरी ने परीक्षण कर मृत घोषित कर दिया। रविवार को उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एसडीएम तिलहर सदानंद सरोज, सीएचसी प्रभारी डॉ. नितिन चौधरी और प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार सिंह गांव पहुंचे। झोलाछाप की दुकान बंद मिली। उसके पिता से चाबी मांगकर दुकान को खोला गया तो उसमें कास्मेटिक का सामान भरा मिला। माना जा रहा है कि परिजनों ने दवाइयां हटा दीं थीं।
एसडीएम ने बताया कि डीएम के निर्देश पर जांच की जा रही है। डीएम को जांच रिपोर्ट भेजने के बाद निर्देशानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि आरोपी को एक दिन में जवाब देने का नोटिस दिया गया है। दुकान की दवाइयां शायद पहले हटा दी गईं हैं। जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।