शाहजहांपुर। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों की सैंपलिंग में लगातार लापरवाही बरती जा रही है। दूसरे राज्यों व शहरों से रोजाना शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन पर सैकड़ों यात्री ट्रेनों से उतर रहे हैं, लेकिन उनमें से कोविड जांच सिर्फ 20-25 यात्रियों की ही होती है। बाकी यात्री बिना जांच के ही अपने घर व रिश्तेदारों के यहां चले जाते हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ रहा है।
रेलवे स्टेशन पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीम को तैनात किया गया है। जिसका काम विभिन्न ट्रेनों से रेलवे स्टेशन पर आने वाले प्रत्येक यात्री की कोविड जांच करना है, लेकिन यह टीम कुछ घंटों के लिए रेलवे स्टेशन पर बैठती है और 20-25 यात्रियों की जांच के बाद वापस चली जाती है। जबकि रेलवे स्टेशन पर आने वाली ट्रेनों से रोजाना 100 से ज्यादा यात्री उतरते हैं। कम सैंपलिंग का कारण स्वास्थ्य विभाग द्वारा कर्मियों को बेहद कम एंटीजन किट और आरटीपीसीआर जांच स्टिक उपलब्ध कराया जाना बताया जा रहा है। ऐसे में कई रेल यात्री बिना जांच कराए ही ट्रेनों से उतरकर सीधे अपने व रिश्तेदारों के घरों को चले जाते हैं। जिनसे दूसरों में भी संक्रमण फैल गया तो इसकी जिम्मेदारी किसी होगी। स्वास्थ्य विभाग के पास इसका कोई जवाब नहीं है।
रेलवे के सीआईटी राजीव शर्मा ने बताया कि मंगलवार को भी सुबह नौ बजे से दोपहर 2:00 बजे तक ही स्वास्थ्य विभाग की टीम रेलवे स्टेशन पर रही और ट्रेन से आने वाले यात्रियों की सैंपलिंग की गई। शाम के समय कम कभी कभार ही स्वास्थ्य विभाग की टीम आती है, जबकि रात में कई ट्रेनें रेलवे स्टेशन पर रुकती हैं।
बिना पीपीई किट के जांच कर रहे स्वास्थ्य कर्मी
स्टेशन पर बैठने वाले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी बिना पीपीई किअ पहने ही रेल यात्रियों की जांच कर रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के कम्रचारियों में भी संक्रमण फैलने का खतरा है। जबकि सरकारी गाइडलाइन के मुताबिक कोरोना जांच करने वाले व्यक्ति को पीपीई किट पहनना अनिवार्य है।