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कोविड कमांड कंट्रोल रूम से कोरोना पीड़ितों के लिए ऑक्सीजन की बढ़ी मांग

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शाहजहांपुर। जिले में आक्सीजन की मांग बढ़ती जा रही है। कोरोना पीड़ितों के परिजन ऑक्सीजन की मांग कलक्ट्रेट में बने इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल रूम से कर रहे हैं। कंट्रोल रूम पर कार्यरत कर्मचारियों के अनुसार अभी तक लोग सैनिटाइजेशन और फॉगिंग नहीं होने की शिकायत करते थे। अब ऑक्सीजन की मांग की जा रही हे।
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कलक्ट्रेट में प्रथम तल पर बने कोरोना कंट्रोल रूम के फोन पर संक्रमण बढ़ने की शुरूआत में सफाई न होने, कोटे की दुकानों से राशन मिलने आदि शिकायतें पहुंचती थीं। पिछले चार-पांच दिनों से कोरोना संक्रमितों के लिए ऑक्सीजन की मांग लगातार बढ़ रही है। कंट्रोल रूम सूत्रों के अनुसार रोजाना औसतन सौ से अधिक शिकायतें मिल रही हैं। इनमें चुनाव से संबंधित शिकायतें कम मिल रही हैं, लेकिन ज्यादातर लोग किसी परिजन की मौत होने पर कोरोना की आशंका व्यक्त कर अपने क्षेत्र में सफाई और सैनिटाइजेशन कराने की मांग कर रहे हैं। पिछले चार-पांच दिन से ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए रोजाना सात-आठ फोन कॉल आ रही हैं। इनमें ऑक्सीजन की ज्यादातर मांग वे लोग कर रहे हैं, जो कोरोना संक्रमित होने के कारण घरों में क्वारंटीन हैं, या वे मरीज हैं, जिनका ऐसे निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है, और वहां ऑक्सीजन की उपलब्धता कम बताई जा रही है। प्रशासन भी मानता है कि जनपद में संक्रमितों का आंकड़ा दो हजार के करीब पहुंच रहा है और उनमें से केवल दस फीसदी मरीजों का अस्पतालों में इलाज हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि ऐसे लोगों को इलाज करने वाले डॉक्टरों के माध्यम से ऑक्सीजन की मांग करने का सुझाव दिया जा रहा है।
ऑक्सीजन सिलिंडर का भंडारण आपराधिक कृत्य
डीएम ने ऑक्सीजन सिलिंडर के अनावश्यक भंडारण को आपराधिक कृत्य बताया है। उन्होंने कहा कि महामारी को नियंत्रित करने को तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। जिला चिकित्सालय एवं वरुण-अर्जुन मेडिकल कॉलेज में लेवल-2 स्तर के दो कोविड चिकित्सालय संचालित हैं। कई निजी चिकित्सालयों में भी कोविड समेत अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ितों का इलाज किया जा रहे है। इस दौरान विभिन्न अफवाहें फैल रहीं हैं, जिससे लोगों में ऑक्सीजन सिलिंडर का भंडारण करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। इस कारण ऑक्सीजन का कृत्रिम अभाव हो रहा है। ऑक्सीजन के अनावश्यक भंडारण पर रोक लगाने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है। संबंधित अस्पताल संचालक ऑक्सीजन की न्यूनतम आवश्यकता से सिटी मजिस्ट्रेट को अवगत कराएं। डीएम ने जन सामान्य से अनुरोध किया कि अफवाहों पर ध्यान न दें और चिकित्सकों की सलाह के बिना ऑक्सीजन सिलिंडर का भंडारण नहीं करें।
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किसी के बहकावे में आकर लोग ऑक्सीजन का भंडारण घरों में नहीं करें। ऑक्सीजन डॉक्टर द्वारा बताई गई विधि से ही उपयोग की जानी है। ऑक्सीजन ऐसे गंभीर पेशेंट के लिए है, जिनका ऑक्सीजन लेवल 94 से कम हो रहा है या जिसे डॉक्टर ने ऑक्सीजन की जरूरत बताई गई हो। ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि लोग अपने घरों मे ऑक्सीजन का भंडारण कर रहे। यह एक अपराध है और ऐसी गतिविधि में लिप्त पाए गए लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। - इंद्र विक्रम सिंह, डीएम
कोरोना के कहर का दूसरा दौर सभी जनपदों में दिखाई दे रहा है और इससे अपने जनपद की स्थिति प्रतिदिन निरंतर गंभीर होती जा रही है। चिक्तिसीय क्षेत्र में इस समय दबाव का माहौल है और इस तरह की भी सूचनाएं मिल रही हैं कि कुछ लोग ऑक्सीजन का अवैध रूप से भंडारण कर भय का माहौल बना रहे है। ऐसे लोगों पवर सख्त कार्रवाई के लिए उन्हें चिह्नित किया जा रहा है।
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- एस आनंद, एसपी
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