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लश्करपुर परिवार ने स्वास्थ्य विभाग को खूब छकाया

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शाहजहांपुर। मदनापुर के लश्करपुर गांव की सास-बहू कोरोना संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ गई है। दरअसल यह परिवार 30 अप्रैल को मेरठ से जिले में आने के बाद इधर उधर घूमता रहा, इनके साथ बच्चे भी थे। करीब 18 दिन सास के मायके में गेहूं काटने का काम भी किया। इसकी भनक न तो स्वास्थ्य विभाग को लगी न ही पुलिस को।
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लश्करपुर का यह परिवार मेरठ में मजदूरी करने गया था। 30 अप्रैल को वहां से किसी तरह लौटकर शाहजहांपुर पहुंचा। परिवार सीधे लश्करपुर आने के बजाय मथाना गांव पहुंच गए। मथाना में सास का मायका है। यहां इन लोगों ने मजदूरी पर गेहूं की कटाई की। मथाना में करीब 18 दिन रहने के बाद यह लोग चुपचाप अपने गांव लश्करपुर आ गए। लश्करपुर में भी चुपचाप रहकर काम करने लगे। कुछ दिन पहले परिवार के एक सदस्य को बुखार आया तो गांववालों ने जानकारी पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को दी। स्वास्थ्य विभाग ने परिवार के सदस्यों की स्क्रीनिंग कराई। लक्षण दिखने पर पहली जून को सैंपल जांच को भेजे गए। तीन जून को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई।
एक महीने तक यह परिवार आम लोगों से मिलते जुलते रहा, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। परिवार के दो महिलाओं की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग इनकी ट्रेवल हिस्ट्री खंगालने में लगा है। लश्करपुर के साथ मथाना गांव में भी लोगों से पूछताछ की और जिन-जिन लोगों से यह परिवार संपर्क में आया उनके सैंपल जांच को भेजे गए हैं।
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वर्जन
दोनों महिलाओं की ट्रेवल हिस्ट्री जानने के बाद सैंपल लिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट दो दिन बाद आने की संभावना है। फिलहाल सास-बहू के कोरोना पॉजिटिव आने से गांव के लोग संकट में पड़ चुके हैं और पूरा गांव सील कर दिया गया है। कंटेन्मेंट जोन में आने के बाद गांव में पुलिस भी तैनात है और लोगों का खुलेआम घूमना फिरना बंद हो चुका है। - एसपी गौतम, सीएमओ
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