शाहजहांपुर। दूसरे राज्यों से ट्रेनों में लौटने वाले प्रवासी मजदूर अपनी जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान बाहर फंसे मजदूरों को उनके गृह जनपद पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई गई हैं। श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से जिले में अब तक हजारों की संख्या में कामगार बाहर से लौट चुके हैं। रन थ्रू चलने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का ठहराव शाहजहांपुर में नहीं है। इन रन थ्रू ट्रेनों में आने वाले मजदूरों के चलती गाड़ी से कूदने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। शुक्रवार तड़के भी रोजा रेलवे स्टेशन से करीब एक किमी दूर रनथ्रू श्रमिक स्पेशल ट्रेन रुकी तो उसमें सवार 22 प्रवासी मजदूर नीचे उतर गए। इसका पता लगने पर पहुंचे जीआरपी के जवानों से सभी मजदूरों को कब्जे में ले लिया। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद पुलिस ने सभी को शेल्टर होम ले जाकर क्वारंटीन करा दिया गया है।
शुक्रवार सुबह 3:30 बजे 04338 श्रमिक एक्सप्रेस देहरादून से रायबरेली जा रही थी। रन थ्रू इस श्रमिक स्पेशल का बरेली व शाहजहांपुर में स्टॉपेज नहीं था। ट्रेन रोजा रेलवे स्टेशन पहुंचकर धीमी हुई और वहां से करीब एक किलोमीटर आगे बढ़ने के बाद रुक गई। ट्रेन रुकते ही उसमें सवार 22 श्रमिक नीचे उतर गए। इसकी सूचना मिलने पर जीआरपी चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और ट्रेन से उतरे सभी प्रवासी मजदूरों को कब्जे में ले लिया। इसके बाद सभी को रोजाना थाना के हवाले कर दिया गया। जीआरपी चौकी प्रभारी ने बताया कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन के रुकने पर उसमें बैठे 22 मजदूर उतरे थे। क्वारंटीन करने के लिए सभी श्रमिकों को थाना रोजा के एसआई संजय कुमार की देखरेख में रेयान इंटरनेशनल कॉलेज स्थित शेल्टर होम भेजा गया है। ट्रेन से उतरने वालों में 13 शाहजहांपुर, पांच बरेली, तीन लखीमपुर खीरी और एक सीतापुर जिले के प्रवासी शामिल हैं। थर्मल स्क्रीनिंग में सभी स्वस्थ पाए गए। इसके बाद उन्हें शेल्टर होम भेजा गया। जहां उन्हें क्वारंटीन में रखा गया है।