शाहजहांपुर। गुजरात में काम करने गए मजदूरों को लेकर एक बस रविवार को बस अड्डे पर पहुंची। मजदूरों ने बस चालक द्वारा 100 रुपये सवारी के हिसाब से मांगने का आरोप लगाया है। हालांकि उन्होंने अपनी मजबूरी का हवाला देकर रुपये देने से साफ इनकार कर दिया।
कलान के गढ़िया छवि निवासी कुलदीप अपने चार-पांच साथियों और उनके परिवार के साथ पांच महीने पहले गुजरात में मजदूरी करने गए थे। जहां तीन महीने तक काम किया। लॉकडाउन के चलते रविवार को वे लोग एक बस से यहां पहुंचे। कुलदीप ने बताया कि बस चालक द्वारा उन लोगों से किराया मांगा गया, जबकि सरकार की ओर से दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को बिना कोई शुल्क लिए वापस भेजने के आदेश दिए गए हैं। उन लोगों के पास खाने को भी रुपये नहीं बचे हैं, ऐसे में किराया देना संभव नहीं था। गुजरात से लौटने वालों में छह महिलाएं और 18 बच्चों भी शामिल हैं। जिनके स्वास्थ्य की जांच करने के बाद उन्हें कलान शेल्टर होम भेजा गया।
स्काउट गाइड ने उपलब्ध कराया भोजन
रोडवेज बस स्टैंड पर पहुंचे मजदूरों को स्काउट गाइड के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया गया। शहर में स्काउट गाइड और सामाजिक संगठनों के द्वारा बाहर से आने वाले मजदूरों और जरूरतमंदों को भोजन कराने काम लगातार जारी है।
36 यात्री कलान के थे, उनसे कोई किराया नहीं लिया गया। एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी के निर्देश पर सभी को एक ही बस से कलान शेल्टर होम भिजवा दिया गया है। सभी का स्वाथ्य परीक्षण और सैनिटाइजेशन कराके यहां लाया गया था। - संजीव निगम, स्टेशन प्रबंधक शाहजहांपुर डिपो।