शाहजहांपुर। कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आने के साथ ही प्रदेश सरकार बाजार खोलने को लेकर लगातार रियायत देने के साथ ही जन सामान्य को मास्क लगाने के साथ सामाजिक दूरी का पालन करने की हिदायत दे रही है। बीते दिन प्रधानमंत्री ने भी जनता को अपने संदेश में कोरोना की तीसरी लहर से आगाह करते हुए कोविड नियमों का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी। इसके बावजूद लोग कोविड गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं।
पहले शिफ्ट वार व्यवस्था के बजाय सभी व्यवसायों की दुकानों को खोलने की अनुमति दिए जाने और अब बाजार खुलने की अवधि बढ़ने के बाद लोग कोविड नियमों के प्रति ज्यादा लापरवाही दिखने लगी है।
शासन की गाइडलाइन के अनुसार डीएम के आदेश पर तमाम प्रतिबंधों के साथ बाजारों में वह सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान गत एक जून से खुलने लगे, जो कोरोना कर्फ्यू के कारण करीब एक माह से बंद थे। इससे बाजारों में भीड़ बढ़ी तो कोविड गाइडलाइन से जुड़े कायदे-कानून ध्वस्त होते नजर आने लगे। उस वक्त भीड़ नियंत्रण पर प्रशासन और पुलिस ने थोड़ी सख्ती दिखाई तो लोग मास्क लगाए नजर आने लगे।
बीते दिन से बाजार खुलने की अवधि दो घंटे बढ़ने का व्यापारियों ने स्वागत भी किया, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से मिली ढील को लोगों ने इस तरह लिया, मानों कोरोना अब अतीत की बात हो चुका है और अब उसकी वापसी नहीं होगी।
यही वजह रही कि बुधवार को बहादुरगंज और वहां की गल्ला मंडी से लेकर घंटाघर और चौक मंडी तक सभी जगह सामाजिक दूरी की अवहेलना होती नजर आई और तमाम लोग बगैर मास्क लगाए या फिर उन्हें चेहरे पर नीचे लटकाए खरीदारी में मशगूल दिखे।
यातायात की दृष्टि से शहर के व्यस्ततम लाल इमली चौराहा के आसपास सुबह से दोपहर बाद तक कोविड नियमों से बेपरवाह लोगों की भीड़ बनी रही।
खास यह रहा कि बहादुरगंज मुख्य बाजार में किराना प्रतिष्ठानों और गल्ला मंडी की दुकानों पर भीड़ रोकने को कई दुकानदारों ने अपने काउंटरों के आगे रस्सी की बाड़ लगा रखी हैं, लेकिन लोग सामान जल्दी लेने की होड़ में उन्हें लांघते दिखे। इस दौरान बहादुरगंज पुलिस चौकी के कर्मी मूकदर्शक बने रहे।
कारोबारियों की बात
सरकार बार-बार समझा रही है कि कोरोना से बचाव ही उसका एकमात्र इलाज है। सब जानते हैं कि वैक्सीन भी कोरोना से बचाव की सौ प्रतिशत गारंटी नहीं देती। इसके बावजूद लोग कोविड नियमों का पालन नहीं करके खतरे को बढ़ावा दे रहे हैं, जिस पर पुलिस प्रशासन तत्काल ध्यान दे। - अमित कनौजिया
बाजार खुलेंगे तो भीड़ होना स्वाभाविक है, लेकिन लोगों से कोविड के नियमों का पालन कराना अधिकारियों का काम है, व्यापारियों का नहीं। मास्क लगाए बगैर आने वालों को टोकने पर लोग उलझ पड़ते हैं। वैसे भी ग्राहकों को कोई दुकानदार नाराज नहीं करना चाहता। - हनी सिंह
लोगों को यह मानकर चलना चाहिए कि सरकार ने बाजार व्यवस्था में छूट उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए दी है। मैं दुकान में आने वाले अपने ग्राहकों को इस बात के लिए बराबर सचेत कर रहा हूं कि मास्क लगाए बगैर बाजार में नहीं आएं। अपने कर्मचारियों के लिए सैनिटाइजर रखा है। - मोहम्मद सलाउद्दीन
जो लोग मास्क लगाए बगैर खरीदारी के लिए आ रहे हैं, उन्हें सामान देने से पहले मास्क खरीदने को बाध्य करता हूं। ऐसे में कुछ लोग नाराज भी हो जाते हैं, लेकिन उन्हें कोरोना के खतरे से आगाह कर समझाने पर तमाम लोग मान भी जाते हैं। प्रशासन को कोविड नियमों का पालन कराने में सख्ती करनी चाहिए। - अशोक गुप्ता