शाहजहांपुर। नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को अदालत ने दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 22500 रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
जैतीपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति ने 20 अक्तूबर 2024 को प्रार्थना पत्र देकर पुलिस को बताया कि उनकी 17 वर्षीय पुत्री को अमित ने किसी प्रकार घर से बाहर बुला लिया। इसके बाद उसे गांव के पंचायत भवन के सामने नदी के रास्ते पर ले गया। वहां पर उसकी बेटी से दुष्कर्म किया। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
जब वह अपनी बेटी की तलाश करते हुए वहां पहुंचा तो वह बेहोशी की हालत में मिली। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। होश में आने पर बेटी ने आपबीती बताई। पुलिस ने अमित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर त्वरित न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र नाथ पांडेय ने दोषी अमित को दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
जानलेवा हमले के दोषी को पांच वर्ष का कारावास
शाहजहांपुर। जानलेवा हमले के दोषी को अदालत ने पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
तिलहर थाना क्षेत्र के कपसेड़ा की रहने वालीं रामा ने नौ अक्तूबर 2021 को तहरीर देकर बताया था कि उनके पड़ोसी रामलाल ने अपने मकान की छत पर कोलतार के ड्रम रखे थे। ड्रम उसकी छत पर गिरा। इस पर उनके पति राममोहन ने ड्रम को सही से रखने के लिए कहा तो इससे आगबबूला होकर रामलाल, उसकी पत्नी रामलली, बेटी चांदनी व बेटा देवकुमार गालीगलौज करते हुए पति को पीटने लगे। रामलाल ने लोहे की रॉड से राममोहन के सिर पर प्रहार किया। वह बेहोश होकर गिर पड़े।
गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना आठ अक्तूबर 2021 की है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपपत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर त्वरित न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्रनाथ पांडेय ने रामलाल को दोषी पाते हुए पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। संवाद