शाहजहांपुर। बरसात में दूषित पानी पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। टायफाइड और पेट के संक्रमण के मरीज सरकारी और निजी अस्पताल में पहुंच रहे हैं। डॉक्टर इलाज करने के साथ ही पानी उबालकर पीने की सलाह दे रहे हैं। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। सोमवार को ओपीडी में 2124 पर्चे बने। शनिवार को 1769, शुक्रवार को 1818 व बृहस्पतिवार को 1669 पर्चे बने थे।
बरसात में गंदे पानी के प्रयोग से जलजनित बीमारियां होने की आशंका बनी हुई है। सोमवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ के चलते पैर रखने तक की जगह नहीं मिल रही थी। यही हाल ट्रामा सेंटर का था। सबसे ज्यादा भीड़ मेडिसिन विभाग के कक्ष के बाहर दिखी। डॉक्टर के मुताबिक, रोजाना उल्टी-दस्त, बुखार, टायफाइड के मरीज पहुंच रहे हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि बरसात में दूषित पानी की वजह से बीमारी फैलती है। ऐसे में पानी को उबालकर पीयें। बासी भोजन खाने से परहेज करें। उन्होंने बताया कि फल और सब्जियों को अच्छे से धोकर उपयोग करें। डिहाड्रेशन, उल्टी, दस्त या बुखार होने पर डॉक्टर से परामर्श लें और अपनी जांच जरूर करवाएं। डॉक्टर की बिना परामर्श के दवा न खाएं। अस्पताल में मलेरिया के भी मरीज पहुंच रहे हैं।
ऐसे बचें बीमारियों से
- भोजन करते समय पूर्ण स्वच्छता बनाए रखें।
- भोजन करने से पहले हाथ अच्छी तरह धोएं।
- खाद्य पदार्थों को ढककर रखें।
- बाढ़ के बाद आसपास के इलाकों में पानी जमा न होने दें।
- बाढ़ के पानी के संपर्क को यथासंभव कम करें, क्योंकि दूषित पदार्थ पानी के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।
- मच्छरों के काटने से बचने के लिए सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
(जैसा कि डॉ. राजेश कुमार ने बताया।)