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Shahjahanpur News: बाढ़ की एक और दस्तक के बाद हुई नगर निगम का नया दफ्तर बचाने की चिंता

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बाढ़ आने के बाद ठप हुआ नगर निगम कार्यालय का निर्माण कार्य। संवाद 
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शाहजहांपुर। नगर निगम कार्यालय का अभी निर्माण पूरा भी नहीं हो पाया है लेकिन बाढ़ ने दो बार दस्तक दे दी है। बाढ़ का पानी भर जाने से निर्माण ठप हो गया है। कार्यालय 2023 में ही बनकर तैयार हो जाना चाहिए था लेकिन अफसरों की अनदेखी से काम सुस्त गति से चलता रहा। लगातार बाढ़ आने के कारण अब बचाव के लिए भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
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न्यू ककरा सिटी में वर्ष 2021 में नगर निगम के नए कार्यालय भवन का निर्माण सीएंडडीएस की देखरेख में मैसर्स स्काईलाइन इंफ्रावर्ड प्राइवेट लिमिटेड ने शुरू किया था। 43 करोड़ 39 लाख 57 हजार रुपये की लागत से इसका शत-प्रतिशत निर्माण 28 फरवरी 2023 तक हो जाना चाहिए था।
काम समय से पूरा नहीं होने पर एजेंसी को अप्रैल 2024 तक का समय दिया गया, फिर जून 2024 तक निर्माण पूर्ण करने के लिए कहा गया। फिर समय सीमा बढ़ाई गई। इसके बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो पाया। निर्माण कार्य की गति धीमी देखते हुए वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने निर्माण एजेंसी पर जुर्माना लगाने के लिए कहा था।
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इसके बाद निर्माण एजेंसी पर 66 लाख का जुर्माना लगाया गया। बाढ़ ने फिर से नगर निगम कार्यालय के निर्माण कार्य को प्रभावित कर दिया है। नगर निगम के सामने मैदान में दलदल हो गया है। कार्यदायी संस्था के मुताबिक करीब एक माह निर्माण कार्य में देरी हो सकती है। जनवरी माह में कार्य पूरा होने की संभावना जताई जा रही है।

बाढ़ से बचाने के लिए किए जाएंगे स्थायी इंतजाम
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक गर्रा नदी के पुल को ऊंचा करने का कार्य प्रस्तावित है। गर्रा नदी में अजीजगंज साइड पर बांध बना दिया गया है। नगर निगम की तरफ बांध बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। नगर निगम कार्यालय के चारों तक ऊंची दीवार बनाई जाएगी। इसके साथ ही नगर निगम के सामने से गुजरने वाली सड़क को ऊंचा करने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। सड़क के नीचे पुलिया बनाकर पानी गुजारने की व्यवस्था की जाएगी। भविष्य में नगर निगम कार्यालय का निर्माण होने के बाद भी अगर बाढ़ आती है तो इससे बचाव के लिए नगर निगम के सभी जरूरी दस्तावेज, कंप्यूटर आदि का कार्यालय दूसरी मंजिल में बनाया जाएगा। बाढ़ की स्थिति में जरूरी दस्तावेज और कंप्यूटर को नुकसान नहीं पहुंचे।

जब खुद बाढ़ में फंसेंगे तो दूसरों का कैसे करेंगे बचाव
बाढ़ के समय नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की राहत बचाव कार्यों में अहम भूमिका रहती है। ऐसे में अगर निगम कार्यालय तक बाढ़ पहुंच जाएगी तो लोगों को परेशानी का समाधान नहीं हो पाएगा। लोगों का कहना है कि नगर निगम के अधिकारियों को ऐसे प्रयास करने होंगे कि नगर निगम कार्यालय को बाढ़ से बचाया जा सके।

प्राकृतिक आपदा का प्रभाव कहीं भी पड़ सकता है। नगर निगम कार्यालय को भविष्य में आने वाली बाढ़ से बचाने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। इसमें सिंचाई समेत अन्य विभागों का भी सहयोग लिया जाएगा।
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- एसके सिंह, अपर नगर आयुक्त
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