शाहजहांपुर। घटिया निर्माण कार्य की वजह से रुका राजकीय आईटीआई, रोजा के जीर्णोद्धार का कार्य पांच साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। अव्यवस्था के बीच ही विद्यार्थी पढ़ने के लिए मजबूर हैं। हालांकि, बचा कार्य जल्द पूरा होने का दावा अब अफसर कर रहे हैं।
वर्ष 2019 में जीर्णोद्धार कार्य की स्वीकृति मिली थी। पहली किस्त के रूप में 1.40 करोड़ रुपये निर्माण दायी संस्था उप्र प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड को मिले थे। इस राशि से सड़क, अंडरग्राउंड बिजली लाइन व ऑडिटोरियम की मरम्मत का कार्य करवाया गया। सड़कों की जांच में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता खराब पाई गई। सड़कें बनने के कुछ समय बाद ही टूटने लगीं। इसकी शिकायत पर तत्कालीन सीडीओ ने जांच कराने के साथ कार्य भी रुकवा दिया। इससे कक्ष, प्रयोगशालाएं और सभागार में मरम्मत का कार्य नहीं हो पाया। जांच में दो साल का समय लगा। सीडीओ ने जांच रिपोर्ट निदेशक को भेजी, जहां से शासन को प्रेषित की गई। कमियां मिलने पर कार्यदायी संस्था को दोबारा से कार्य करने के निर्देश दिए गए थे।
दूसरी किस्त 2.60 करोड़ रुपये भी जारी
संस्थान के प्रधानाचार्य नगेंद्र सिंह ने बताया कि कार्यदायी संस्था को पूर्व में जारी धनराशि से कराए गए कार्यों को दोबारा से कराने के साथ ही शेष कार्यों को भी पूरा करना है। शासन ने दूसरी किस्त के रूप में 2.60 करोड़ रुपये जारी किए हैं। एक माह पहले ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी की गई, पर कार्यदायी संस्था के अनुसार प्राप्त धनराशि से मात्र कार्यशाला का जीर्णोद्धार और प्रशासनिक भवन में बिजली के तारों की फीडिंग ही हो पाएगी। इसके बाद भी सुंदरीकरण, साइकिल स्टैंड, पार्क विकसित करने आदि का कार्य बाकी रह जाएगा, क्योंकि निर्माण सामग्री की लागत अब बढ़ गई है।
रोजा स्थित राजकीय आईटीआई में जीर्णोद्धार का कार्य पूर्ण करने के लिए 2.60 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। इससे बिजली के तारों की फिटिंग व सीलिंग का वर्क करवाया जाएगा। बाकी कार्य पूरा हो गया है।
- इरफान सिद्दीकी, प्रोजेक्ट मैनेजर, उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड