ट्वीटर और फेसबुक पर रिश्वत लेने का वीडियो वायरल क्या हुआ कि जीआरपी हरकत में आई और रोजा चौकी के सिपाही के खिलाफ थाना जीआरपी में रिपोर्ट दर्ज करा दी। सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। उधर, यात्रा के दौरान एमएसटी धारक से पांच हजार की रिश्वत लेने के मामले में जीआरपी लखीमपुर के एसओ के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। ये दोनों मामले जीआरपी शाहजहांपुर थाने में दर्ज किए गए हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार किसी अज्ञात नंबर से जीआरपी के आला अफसरों के फेसबुक और ट्वीटर पर 11 सेकेंड का एक वीडियो वायरल किया गया, जिसमें ट्रेन के अंदर सिगरेट पी रहे एक यात्री से दो सौ रुपये की रिश्वत लेने का वीडियो था। एसपी जीआरपी लखनऊ ने जब इसकी जांच कराई तो यह वीडियो रोजा जीआरपी में तैनात सिपाही राम किशोर शुक्ला का निकला।
बुधवार की रात सीओ जीआरपी नवीन कुमार ने रोजा आकर पूछताछ की और रामकिशोर द्वारा रिश्वत लेने के वीडियो को सही पाया। चूंकि वीडियो भेजने वाले का नाम पता अज्ञात था, इसलिए चौकी प्रभारी रोजा चंद्रहास मिश्रा की रिपोर्ट पर सिपाही रामकिशोर शुक्ला के खिलाफ विभिन्न मामलों में रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसपी रेलवे ने सिपाही को निलंबित कर दिया और मामले की जांच सीओ जीआरपी नवीन कुमार सिंह को सौंप दी।
इसी तरह इंद्रदेव प्रसाद सिंह निवासी फुलहिया थाना मैलानी जिला खीरी ने आरोप लगाया है कि वह बिजली विभाग सीतापुर में कार्यरत हैं। 11 अगस्त को यात्रा के दौरान एमएसटी होने के बाद भी उसकी रसीद यादव नाम के टीटीई ने 265 रुपये की काट दी। पांच सौ रुपये लेने के बाद बचे पैसे नहीं लौटाए। बाकी पैसों की मांग की तो उसे जीआरपी के एसओ मानवेंद्र पाठक और सिपाही अशोक यादव द्वारा मारपीट कर हवालात में बंद कर दिया गया। एसओ पाठक ने छोड़ने के नाम पर उसके पिता को फोन कर पांच हजार रुपये रिश्वत मंगाई। आरोप है कि एसओ मानवेंद्र पाठक ने पांच हजार की रिश्वत लेने के बाद ही उसे छोड़ा है। पीड़ित की तरहरीर पर जीआरपी में एसओ लखीमपुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
वीडियो वायरल होने की जांच मेरे द्वारा की गई, जो एकदम सही है। रिपोर्ट दर्ज कराई गई है निलंबित होने पर सिपाही को रात में ही पुलिस लाइन लखनऊ रवाना किया है। आगे की कार्रवाई सीओ स्तर से होगी। एसओ लखीमपुर के खिलाफ भी अपराध संख्या शून्य पर मामला दर्ज किया गया है।
- चंद्रहास मिश्रा, प्रभारी जीआरपी रोजा