रोजा/शाहजहांपुर। रेलवे ने एक ऐसा इंजन बनाया है, जो बिजली के साथ ही डीजल से भी चलेगा। अगर ओएचई में खराबी के कारण कहीं पर इंजन बंद हुआ, तो उसे डीजल से चलाया जा सकेगा, जिससे न सिर्फ रेल यातायात को सुचारू रखा जा सकेगा रेलयात्रियों का समय भी खराब होने से बचेगा। यह इंजन मार्च के पहले सप्ताह में रोजा पहुंचेगा।
रेल प्रशासन ने कंपाउंड इंजन बनाकर तैयार कर दिया है, जोकि 6000 हॉर्स पावर और 12 सिलेंडर का है। इसकी गति 130 किलोमीटर प्रति घंटा है, पावर डीजल और बिजली दोनों से चलेगा। अगर किसी रूट पर इलेक्ट्रिक लाइन नहीं है, तब भी यह इंजन चलता जाएगा। यानि जहां पर ओएचई लाइन है, वहां इंजन बिजली से चलेगा और जिस जगह ओएचई लाइन नहीं है, उस रूट पर डीजल से चालू रहेगा। इससे ट्रेनों के संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। रेल यात्री भी समय से अपने गंतव्य पर पहुंच सकेंगे। 6000 हार्स पावर वाले इस इंजन को सबसे पहले दुरंतो राजधानी शताब्दी सुपरफास्ट वीआईपी ट्रेनों में लगाया जाएगा। उसके बाद बाकी की ट्रेनों के संचालन में इनका प्रयोग होगा। लोको प्रभारी वीरेंद्र झा ने बताया कि यह इंजन वर्तमान में काजीपेट में खड़ा है और मार्च के दूसरे सप्ताह में रोजा आएगा। जिसका लोको पायलटों को बेसब्री से इंतजार है।