चार माह पुरानी विवेचनाओं का निस्तारण नहीं करने से खफा एसपी ने दो दरोगाओं को लाइन में आमद कराने का फरमान सुना दिया, लेकिन कोतवाली प्रभारी की सिफारिश पर उन्हें 15 दिन की मोहलत दे दी।
तहसील दिवस के बाद एसपी केबी सिंह कोतवाली आ पहुंचे और सभी पुलिस कर्मियों को पेश होने का निर्देश दिया। एसपी ने लंबित विवेचनाओं के बारे में जानकारी की तो पता चला कि दरोगा प्रशंात कुमार और वीर सिंह की चार चार माह पुरानी विवेचनाएं लंबित हैं। इस बीच पुलिसकर्मी एसपी के सामने पहुंचे तो उन्होंने सबकी वर्दी चेक की। दरोगा प्रशंात कुमार मोजे नहीं पहने थे। एसपी ने उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि निर्देशों के बाद भी वर्दी सही से नहीं पहनी जा रही है। एसपी ने प्रशंात कुमार और वीरसिंह को लाइन में आमद कराने का फरमान सुना दिया। एक सिपाही का पेट निकला होने पर कप्तान से उसे भी कड़ी फटकार लगाई। एसपी ने कहा कि क्षेत्र में कहीं भी कच्ची शराब नहीं बिकनी चाहिए और वाहनों से अवैध वसूली की शिकायत मिली तो कड़ी कार्रवाई होगी।
एसपी ने कहा कि लंबित विवेचनाएं समय से निस्तारित होनी चाहिए और एनसीआर पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। कोई भी पुलिसकर्मी क्षेत्र में बिना वर्दी के नहीं जाएगा। पशु चोरी और गोकशी की शिकायत पर भी कार्रवाई की जाएगी। कोतवाली प्रभारी अशोक पाल सिंह ने दरोगा प्रशंात कुमार और वीरसिंह को एक मौका देने की मांग की, जिस पर एसपी ने दोनों दरोगाओं से 15 दिन में विवेचनाएं निपटाने की बात लिखित में लेकर लाइन हाजिर का आदेश टाल दिया।