प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संस्थागत प्रसव करवाने आने वाली प्रसूताओं के साथ आने वालों से सिंगल यूज गल्ब्स (दस्ताने) बाजार से मंगवाए जाते हैं, वहीं सरकारी सप्लाई में आने वाले दस्ताने आज कूड़े में पड़े मिले। विभागीय जिम्मेदार लोगों ने उनके एक्सपायर हो जाने का तर्क दिया है, जो गले नहीं उतर रहा।
सोमवार को स्वास्थ्य केंद्र के परिसर में कूड़े के ढेर पर सैकड़ों की संख्या में दस्ताने पड़े मिले। यहां बता दें कि आशाओं और डिलीवरी के समय नवजात शिशु की साफ सफाई के लिए इन्हें सरकारी सप्लाई में मंगाया जाता है, जो कि इस्तेमाल न करके तीमारदारों से बाजार से मंगवाए जाते हैं। यहां बता दें कि सरकारी सप्लाई में आने वाले काटन के बंडल भी पीएचसी की गैराज में पड़े सड़ रहे हैं, जिसका लाभ प्रसूताओं और नवजातों को नहीं मिल पा रहा है, जरूरत पड़ने पर तीमारदारों से इन्हें भी बाजार से ही लाने को कहा जाता है।
इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी मोहम्मद आशिफ का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में दस्ताने क्यों फेंक दिए गए हैं? इतनी तो डिलीवरी भी नहीं हुई हैं। हां, इनकी एक्सपायरी एक वजह हो सकती है, लेकिन यह इस्तेमाल क्यों नहीं हुए इसका पता लगाएंगे।