शाहजहांपुर। सामान्य से करीब छह डिग्री सेल्सियस नीचे चल रहे अधिकतम तापमान के कारण दिन में लोग ठंड से कांपते रहे। गलन और सर्द हवा ने किसी भी पहर पीछा नहीं छोड़ा। मंगलवार को न्यूनतम और अधिकतम तापमान में मात्र 2.9 अंक का अंतर रहा। बुधवार को न्यूनतम तापमान में दो से तीन अंक गिरावट की संभावना है।
रविवार रात से पछुआ हवा चलना शुरू हुई थी, जो कि मंगलवार तक चलती रहीं। सुबह से बादल छाए रहे। सर्द हवा की वजह से गलन बढ़ी तो लोगों की कंपकंपी छूट गई। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में न्यूनतम तापमान 6.7 और अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस सामान्य माना जाता है।
गन्ना शोध संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि मंगलवार को अधिकतम तापमान 14.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सामान्य से तेज 18 से 20 किमी की रफ्तार से ठंडी हवा चली। कोहरा का असर कम रहा। सुबह दृश्यता 700 मीटर के आसपास रही। वहीं, सोमवार को अधिकतम तापमान 15 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस रहा था।
सोमवार के मुकाबले मंगलवार को अधिकतम तापमान में 0.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई। डॉ. मनमोहन सिंह के मुताबिक ऊंचाई पर बादल छाए हुए हैं। तेज पछुआ हवा चल रही है। इससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस में गिरावट होने की संभावना है।
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आलू और सरसों में झुलसा रोग लगने की संभावना
कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी ने बताया कि यह मौसम गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद हैं। पाला गिरने से गेहूं की फसल का उत्पादन बढ़ेगा। अगर पांच से सात दिन तक मौसम ऐसा ही रहा तो आलू और सरसों में झुलसा रोग लगने का खतरा बढ़ जाएगा। अगर आलू या सरसों में झुलसा लगता है तो किसान फंगीसाइड मैंकोजेब 72 प्रतिशत का एक किलोग्राम का एक एकड़ फसल में स्प्रे करें। इससे झुलसा रोग नहीं लगेगा और फसल सुरक्षित रहेगी।