अथर्व ग्रुप के तत्वावधान में बृहस्पतिवार से तीन दिवसीय रंग उत्सव शुरू हो गया। उत्सव का उद्घाटन चेयरमैन तनवीर खां ने किया। इस अवसर पर उन्हें सम्मानित भी किया गया। रंग उत्सव के पहले दिन लखनऊ के सत्यपथ रंगमंडल ने मुकेश वर्मा की कहानी Òबंद खिड़कीÓ का मंचन कर कन्या भ्रूण हत्या को महापाप और समाज के लिए घातक बताते हुए उसे रोकने का संदेश दिया।
नाटक Òबंद खिड़कीÓ में निर्देशक रितेश सिंह ने डायन, शुभी चंचल ने पल्लवी, श्वेता कनौजिया ने कुमुद और मधुसैनी ने अभिनय किया। कहानी में बताया गया कि किस तरह समाज भ्रूण जांच कराकर कन्याओं को कोख में ही मार डालता है। संदेश यह है कि जो जन्म देना जानती है, वह पालन-पोषण करना और विनाश करना भी जानती है। इस बार गंगा पृथ्वी पर आएगी, लेकिन वह किसी जटाओं से होकर नहीं। गांधी भवन में कवि डॉ. इंदु अजनबी के संचालन में मुख्य अतिथि चेयरमैन तनवीर खां ने रंग उत्सव का उद्घाटन किया।
इसके पश्चात समारोह के अगुआ योगेश पांडेय, अमन मलिक, दीपक अंजान आदि ने चेयरमैन को सम्मानित किया। शुक्रवार शाम साढ़े छह बजे नाटक ÒबिदेसियाÓ का मंचन होगा। इस अवसर पर रोटरी क्लब के अध्यक्ष राजीव भारती, डॉ. सुरेश मिश्र, विनय शुक्ल, काजल यादव, सुरभि सिंह, अंजली मौर्या, कोमल मौर्या, आशीष सक्सेना, नवनीत मिश्रा, अवनीश पाल, शिवा शर्मा, धर्मेंद्र कुमार आदि का योगदान रहा।