शाहजहांपुर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) ने दिवाली पर चलाए गए अभियान के दौरान कई वस्तुओं के दो दर्जन से अधिक नमूने लिए थे। इनमें ब्रांडेड शहद, खाद्य तेल, वनस्पति घी, दुग्ध उत्पाद, शीतल पेय, मसाले आदि के नमूने राजकीय प्रयोगशाला में जांच होने पर फेल हो गए। नमूने फेल होने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ एफएसडीए ने विभिन्न न्यायालयों में मुकदमे दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
हर साल बड़े त्योहार आने पर खाने पीने की चीजों में मिलावट बढ़ जाती है। इसीलिए दिवाली पर एफएसडीए के अधिकारियों ने टीमें बनाकर जिले भर में छापा मार अभियान चलाया था। इस दौरान विभिन्न वस्तुओं के 27 नमूने लिए गए थे। इन नमूनों की राजकीय जन विश्लेषक प्रयोगशाला से आईं जांच रिपोर्ट चौंकाने वाली हैं, क्योंकि उनमें से अधिकांश नमूने सब स्टैंडर्ड (अधोमानक), मानव स्वास्थ्य के लिए अनसेफ (असुरक्षित) और मिस ब्रांडेड (मिथ्या छाप) पाए गए। विभाग इन जांच रिपोर्ट को ज्यादा गंभीरता से ले रहा है, जिनमेें खाद्य वस्तु स्वास्थ्य के लिए घातक और असुरक्षित बताई गई है।
जांच में इन चीजों के नमूने हुए फेल : कलान मेें परौर रोड पर गांव कौंही निवासी लड्डन के किराना स्टोर से लिया गया जय गुरुदेव ब्रांड खाद्य तेल, निगोही में अंबेडकर पार्क के पास स्थित विश्वजीत उर्फ बिशन सिंह की दुकान से लिया गया रिफाइंड राइस ब्रॉन तेल, तिलहर क्षेत्र के सिनौर गांव में आदेश कुमार से लिया गया मिश्रित दूध और जलालाबाद के मालूपुर स्थित रईस अहमद की दुकान से लिया गया वनस्पति घी का नमूना स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाया गया है। कांट में मोहम्मद कलीम की दुकान से लिए गए राजस्थानी ब्रांड रस्क के दोनों नमूने मिथ्या छाप पाए गए, क्योंकि उन पर पैकिंग, एक्सपायरी आदि विवरण अंकित नहीं मिले। बहादुरगंज में तुषार ओमर के प्रतिष्ठान से लिया गया नियोक ब्रांड शहद जांच में अधोमानक और मिथ्या छाप प्रमाणित हुआ। निगोही में राजा प्रोवीजन स्टोर से लिया गया बालाजी ब्रांड हींग और जलालाबाद में बिलावल हुसैन की दुकान से लिया गया ब्रांडेड मैंगो फ्रूटी ड्रिंक का नमूना भी मिथ्या छाप निकला। कांट के नौशाद किराना स्टोर का धनिया पाउडर, बंथरा (तिलहर) में रजवाड़ी रसोई ढाबा का दूध, निगोही रोड सतवां बुजुर्ग के पंकज शर्मा का पनीर, कांट के अकर्रा रसूलपुर के बलराम का सरसों का तेल और जलालाबाद के मोहल्ला सिकंदरपुर अफगानान स्थित रामू किराना शॉप की मैदा अधोमानक पाई गई है।
क्रिसमस पर बिके मिलावटी केक
क्रिसमस पर शहर में मिलावटी केक की खूब बिक्री हुई। एफएसडीए के अधिकारियों के अनुसार गत वर्ष 23 दिसंबर को दलेलगंज में बैंक ऑफ बड़ौदा के पीछे स्थित एक बेकरी से चाकलेट, ब्रेड और क्रीम से बने केक का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया था, जो जांच में अधोमानक पाया गया। माना गया कि उसमें क्रीम की मात्रा कम होने के साथ वसा की मिलावट हो सकती है।
सेहत के लिए घातक मिली मोमोज की चटनी
कोरोना कर्फ्यू में ढील मिलने के बाद सड़कों के किनारे स्ट्रीट फूड कार्नर और ठेले लगने लगे। एफएसडीए ने टाउनहाल में शहीद पार्क के पास एक ठेले से पोटैटो रोल और मोमोज चटनी के दो नमूने लेकर जांच कराई। जांच रिपोर्ट आने पर पता चला है कि चटनी में लाल रंगत लाने के लिए घातक श्रेणी का अखाद्य रंग मिलाया गया था।
इन सभी मामलों में मुकदमे दायर कराने के लिए पत्रावलियां तैयार कराई जा रही हैं। जांच में जो नमूने धोमानक या मथ्या छाप पाए गए, उनके विक्रेताओं पर विभाग के न्याय निर्णायक अधिकारी/ एडीएम प्रशासन के न्यायालय से जुर्माने की कार्रवाई होगी, लेकिन जो नमूने असुरक्षित मिले, उन्हें बेचने वालों को जेल जाना पड़ेगा। इस श्रेणी के मुकदमे जजी के विभिन्न न्यायालयों में दर्ज कराए जाएंगे। - विजय कुमार वर्मा, अभिहीत अधिकारी, एफएसडीए