शाहजहांपुर। सपा सरकार में दो बार मंत्री रहे राममूर्ति सिंह वर्मा बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान निधन हो गया। वह 71 साल के थे, और काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। वह एक बार सांसद और जलालाबाद व ददरौल क्षेत्र से विधायक रहे थे। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर इंदिरा नगर कॉलोनी स्थित उनके आवास पहुंचा तो अंतिम दर्शन वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। जलालाबाद स्थित कोल्ड स्टोर परिसर में उनका अंतिम किया गया। बेटे राजेश वर्मा ने मुखाग्नि दी।
सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने बताया कि राममूर्ति सिंह वर्मा काफी दिनों से बीमार थे। वह दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती रहे थे। वहां से उन्हें छुट्टी दे दी गई तो परिजन ने 21 अप्रैल को उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया था। जहां बृहस्पतिवार रात इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। पूर्व मंत्री के दोनों गुर्दे खराब हो चुके थे, जिससे वह नियमित डायलिसिस पर थे। उनकी पत्नी का 2013 और छोटे बेटे विजय विक्रम सिंह का 1997 में सड़क दुर्घटना में निधन हो चुका है। राममूर्ति वर्मा के निधन पर सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव व पार्टी हाईकमान ने शोक व्यक्त किया है।
पूर्व मंत्री के निधन की सूचना पर सांसद अरुण सागर, एमएलसी अमित यादव, पूर्व विधायक राजेश यादव, सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां, भाजपा जिलाध्यक्ष हरिप्रकाश, बसपा नेता उदय वीर सिंह, तिलहर विधायक रोशनलाल वर्मा, पूर्व मंत्री अवधेश वर्मा, रणजंय सिंह यादव, मुनेंद्र पाल सिंह, सपा नेता उपेंद्र पाल सिंह, प्रसून कुमार, पूर्व चेयरमैन इदरीश खां, पूर्व चेयरमैन तिलहर इमरान खां आदि पहुंचे।