तिलहर। मंडी गेट पर टोकन न मिलने भड़के किसानों ने जमकर हंगामा किया। आक्रोशित किसानों ने धर्मकांटा पर तौल बंद करा दी। इसको लेकर मंडी निरीक्षक से जमकर नोकझोंक हुई। किसानों ने माफियाओं और दलालों से सुविधा शुल्क लेकर गुपचुप तरीके से टोकन दिए जाने का आरोप लगाया।
मंडी गेट पर गेहूं लेकर पहुंचे किसान क्रय केंद्र का टोकन कटाने के लिए लाइन में खड़े थे। किसानों का आरोप है कि टोकन काटने वाले मंडी समिति के कर्मचारी ने गुपचुप तरीके से तमाम व्यापारियों के टोकन काट दिए। इसके बाद किसानों का टोकन काटने से मना कर दिया। इस पर किसानों ने अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन उनकी नहीं सुनी गई। इस पर भड़के किसान मंडी गेट पर लगे धर्मकांटा पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
किसान धर्मवीर, सुखबीर, मोहित सिंह, रिंकू का आरोप है कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए ही मंडी गेट पर हाथ से टोकन काटे जा रहे हैं, जबकि शासनादेश कंप्यूटर से टोकन काटने का है। उन्होंने आरोप लगाया कि मैनुअल टोकन काटे जाने से भ्रष्टाचार होता है इसमें तहसील के बड़े अधिकारी भी लिप्त हैं। काफी देर तक जब कोई कर्मचारी किसानों की बात सुनने नहीं आया तो किसान अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धर्म कांटे पर तौल बंद करा दी। उसके बाद आक्रोशित किसान मंडी सचिव कार्यालय पहुंच गए। मंडी सचिव के न मिलने पर किसानों ने मंडी निरीक्षक पंकज मिश्रा से टोकन कटबाने की मांग की। बातचीत के दौरान जब मंडी निरीक्षक ने टोकन काटने से मना कर दिया तव किसानों की उनसे भी जमकर नोकझोंक हुई। किसानों के हंगामे प्रदर्शन के बाद भी किसानों का गेहूं क्रय केंद्र पर नहीं तुल सका। आंदोलित किसानों ने चेतावनी दी है कि गेहूं की तौल न होने पर वह उच्चाधिकारियों का घेराव करने को बाध्य होंगे।