शाहजहांपुर। बिड़ला ग्रुप की रोजा मिल और पुवायां चीनी मिल ने पेराई सत्र 2020-21 के समापन के पहले नोटिस सोमवार को जारी कर दिए। इसे देखते जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव ने दोनों मिल क्षेत्रों के राजकीय गन्ना पर्यवेक्षकों को क्षेत्र भ्रमण कर अवशेष गन्ना की मात्रा का आकलन करने और संबंधित किसानों को अपना गन्ना चीनी मिलों को जल्द पहुंचाने को प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।
इस बीच, दोनों मिल प्रबंधनों ने गन्ना कैलेंडर के 12वें पक्ष के अंतिम कालम तक की किसानों को सभी पर्चियां जारी कर दी हैं। डीसीओ डॉ. भार्गव ने बताया कि चीनी मिलों को आवश्यकता के अनुसार गन्ना नहीं मिल पा रहा है। इसलिए किसानों के बीच प्रचार कराया जा रहा है कि जिन किसानों के पास पेराई योग्य गन्ना अभी बचा हुआ है, वह 15 अप्रेल तक उसे चीनी मिल को अवश्य आपूर्ति कर दें। उन्होंने बताया कि चालू पेराई सत्र में अभी तक रोजा चीनी मिल ने 72.19 लाख क्विंटल गन्ना पेराई की है। इस मिल को गेट सहित कुल 46 क्रय केंद्र आवंटित किए गए थे, लेकिन मिल के सभी बाह्य क्रय केंद्र गन्ना के अभाव में पहले ही बंद हो चुके हैं और अब केवल गेट पर गन्ना बचा हुआ है।
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार पुवायां सहकारी चीनी मिल को मिल गेट सहित दो क्रय केन्द्र आवंटित किए गए थे और इस मिल का वाह्य क्रय केंद्र बंद हो चुका है। केवल मिल गेट पर अभी गन्ने की तौल की जा रही है। उन्होंने किसानों से कहा है कि अवशेष गन्ना की मिलों को आपूर्ति में कोई समस्या होने पर वह क्षेत्र की सहकारी समिति के सचिव और ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक से तत्काल संपर्क करें। साथ ही संबंधित गन्ना पर्यवेक्षकों और समिति सचिवों को निर्देश दिये गए हैं कि वह अपनी सर्किल में भ्रमण करने के बाद ही नो-केन प्रमाण पत्र जारी करें ताकि किसी भी किसान का पेराई योग्य गन्ना छूटने नहीं पाए।