फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फिर से नाले और रास्ते के रूप में दर्ज होगी कब्जाई गई जमीन

विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर। नाले और रास्ते की जमीन को अभिलेखों में हेरफेर करके अपने नाम दर्ज कराकर कई लोगों को बेच दिया गया। इस जमीन पर मकान भी बना लिए गए। शिकायत के बाद हुई जांच में आरोप सत्य मिलने के बाद जमीन को फिर से रास्ते और नाले के नाम दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन

शिकायतकर्ता इंदिरा नगर निवासी सर्वेश शुक्ला और शासकीय अधिवक्ता जदुवीर सिंह ने बताया कि लोदीपुर पुल के पास से अंटा इलाके को जोड़ने वाली लगभग एक किलोमीटर की सार्वजनिक जमीन को अभिलेखों में हेरफेर कर व्यक्तिगत खाते में दर्ज करा लिया गया था। कई लोगों को इस जमीन का बैनामा कर दिया गया। सर्वेश शुक्ला ने बताया कि इसकी शिकायत उन्होंने 23 जनवरी 2019 को मुख्यमंत्री के जन सुनवाई पोर्टल पर की थी। जनवरी 2020 को बरेली मंडलायुक्त ने डीएम को जांच के निर्देश दिए। पुराने अभिलेखों की जांच में साफ हो गया कि यह जमीन निजी नहीं बल्कि नाले और रास्ते के रूप में दर्ज है।
वहीं 15 मार्च को एसडीएम कोर्ट में दायर वाद में एसडीएम ने इस जमीन को निजी खाते से काटकर नाले और रास्ते के रूप में अभिलेखों में दर्ज करने का आदेश दिया है। शिकायतकर्ता सर्वेश शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में इस जमीन का सर्किल रेट 40 हजार रुपये वर्ग मीटर है। पूरी जमीन की कीमत करीब 16 करोड़ रुपये है। सर्वेश ने बताया कि भू-माफिया करोड़ों की जमीन को हड़पना चाह रहे थे, लेकिन मजबूत पैरवी से जमीन कब्जा मुक्त होने से लोगों को आवागमन में आसानी होगी और नाला निर्माण की राह बनेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें