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नगर आयुक्त साहब! कब चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें

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शाहजहांपुर। एक साल पहले सरकार ने प्रदेश के 11 शहरों में इलेक्ट्रिक बसों को चलाने की घोषणा की थी। इसमें शाहजहांपुर महानगर भी शामिल था। यहां की सड़कों पर 25 बसों को चलाने की योजना थी, जिनको पीपीपी मॉडल पर चलाया जाना था। आज तक बसों का संचालन नहीं हो सका है।
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शाहजहांपुर महानगर में इलेक्ट्रिक बसों को चलाने के लिए शासन से मंजूरी मिलने के बाद अधिकारियों ने काम शुरू कर दिया था। 25 बसों को चलाने के लिए नगर निगम ने रूटों को चिह्नित कर टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई। कहा जा रहा था था कि टेंडर निकलने के बाद ही बसों की सप्लाई जिले में कर दी जाएगी। लेकिन इलेक्ट्रिक बसों की कागजी कार्रवाई ही अभी तक पूरी नहीं हो सकी। निगम के अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग के लिए ककरा में बनने स्टेेशन को वित्तीय स्वीकृति कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। अगले दो महीने में यह काम पूरा हो सकता है।
कम किराए में तय होगा सफर
महानगर की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसों के चलने से छोटे वाहनों की संख्या कम हो जाएगी। लोगों को कम दूरी पर जाने के लिए कार व बाइक की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह आसानी बस से कम किराए में अपने मुकाम तक पहुंच जाएंगे। बसें नगर निगम क्षेत्र में ही चलेगी। रूट भी चिह्नित किया जा चुका है।
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ये रहेगा रूट
इलेक्ट्रिक बसें बरेली मोड़ से चारखंभा, कच्चा कटरा, घंटाघर, टाउन हाल, बस अड्डा, रेलवे स्टेशन तक बस जाएगी। जबकि, चिनौर तक दूसरी बसों को भेजा जाएगा। इसी तरह रोजा साइड का रूट भी चिह्नित किया गया।
पीपीपी मॉडल से होगा बसों का संचालन
इन बसों को पीपीपी मॉडल पर चलाने की तैयारी है, जिसके लिए टेंडर होने के बाद पात्र पाए जाने वाली कंपनियों से करार किया जाएगा। इलेक्ट्रिक वाहन चलने से पेट्रोल और डीजल की खपत कम होगी और यात्रियों को भी कम किराए में यात्रा का मौका मिलेगा।
इलेक्ट्रिक बसों के चलाने को सड़कों का चौड़ीकरण
महानगर में इन इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए सड़कों के चौड़ीकरण भी चल रहा है। बरेली मोड़ से गर्रा फाटक, पुत्तूलाल चौराहा से रोजा, जीआईसी तिराहे से अटसलिया फाटक, लाल इमली चौराहा से ईदगाह तिराहा आदि सड़कों का चौड़ा कराया जा रहा। इससे शहर में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा सके।
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की प्रक्रिया प्रोसेस में है। चार्जिंग स्टेशन के लिए जगह चिह्नित कर ली गई है। स्टेशन बनाने के लिए खर्च होने वाले धनराशि की वित्तीय स्वीकृति के लिए फाइल प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है। बसों के संचालन में करीब दो महीने का समय लग सकता है।
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- संतोष शर्मा, नगर आयुक्त
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