शाहजहांपुर। सहकारी क्षेत्र की पुवायां चीनी मिल में पेराई सत्र के समापन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। सोमवार को मिल को आपूर्ति किया गया गन्ना खत्म हो जाने से सुबह चार बजे से अपरान्ह तीन बजे तक पेराई कार्य ठप रहा। हालांकि, बाद में कुछ किसान अपनी ट्रालियां लेकर मिल गेट पर पहुंचे, जिसके बाद पेराई फिर से शुरू हो गई। इस बीच, जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव ने पुवायां सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव विनोद यादव और ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मनीष शुक्ला के साथ चीनी मिल के यार्ड का निरीक्षण कर वहां गन्ना की उपलब्धता जांची।
निरीक्षण के दौरान मिल के महाप्रबंधक कमल रस्तोगी और मुख्य गन्ना अधिकारी एसके श्रीवास मौजूद रहे। अधिकारियों को यार्ड में गन्ना की करीब दस ट्रॉलियां खड़ी मिलीं। जीएम रस्तोगी ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए मिल गेट पर पर्ची मुक्त खरीद शुरू कर दी गई है। साथ ही गांवों में इस आशय का प्रचार करा दिया गया है कि जिन किसानों के पास पेराई योग्य गन्ना शेष बचा है, उसकी मिल गेट पर तोल शीघ्र करा दें। सीसीओ श्रीवास ने बताया कि सुबह गन्ना खत्म हो जाने से 11 घंटे पेराई रोकनी पड़ी, लेकिन बाद मेें कुछ किसान गन्ना ले आए।
यार्ड में मौजूद मिले किसानों से अधिकारियों को पूछताछ करने पर पता चला कि उनके गांवों में गन्ना खत्म हो चुका है। महाप्रबंधक ने अधिकारियों को बताया कि मिल में इस वर्ष अभी तक 34.16 लाख क्विंटल गन्ना पेरकर 3.81 लाख क्विंटल चीनी बनाई जा चुकी है और चीनी परता भी सुधरकर 11.25 प्रतिशत हो गया है। डीसीओ डॉ. भार्गव के अनुसार जिले की पांचों चीनी मिलों ने गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 19 लाख क्विंटल ज्यादा गन्ना पेरा है। उन्होंने बताया कि पुवायां चीनी मिल क्षेत्र में बमुश्किल एक हजार क्विंटल गन्ना शेष बचा है।