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पुलिस पशासन की अनदेखी व सत्ता की हनक में माफिया कर रहे खनन

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निगोही के बिक्रमपुर चकौरा के निकट कठिन नदी में किया गया रेता खनन7 - फोटो : SHAHJAHANPUR
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निगोही। अफसरों की अनदेखी के चलते लॉकडाउन के बीच अवैध खनन ने जोर पकड़ लिया है। खनन माफिया निगोही क्षेत्र की गर्रा और कठिना नदियों के किनारे कई गांवों में अवैध खनन कर रहे हैं। वहीं क्षेत्र के तमाम गांवों में कृषि भूमि पर बेखौफ मिट्टी का अवैध खनन हो रहा है। मगर शिकायतों के बावजूद इस पर रोक नहीं लग पा रही है।
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निगोही क्षेत्र की कठिना नदी के किनारे स्थित तालगांव, जिंदपुरा, धुल्लिया, ऊनकलां, इंदरपुर, विक्रमपुर, कुकहा महमूदपुर और गर्रा नदी के किनारे स्थित गांव विरसिंगपुर, चकबरैचा, रटा, रटी, निबाड़ी, घुसगवां, भूड़खेरा में रात-दिन बेखौफ रेता का खनन हो रहा है। निगोही क्षेत्र के गांव गढ़ा के पूरब दिशा में पिछले कई सालों से अवैध खनन हो रहा है, जिसके चलते करीब एक वर्ग किलोमीटर कृषि क्षेत्र में को खोदकर माफिया ने बर्बाद कर दिया है। यहां की कृषि भूमि दस फुट गहरे तालाबों में तब्दील हो चुकी है लेकिन खनन बदस्तूर जारी है। इससे अफसरों की मंशा पर भी सवाल उठ रहा है। इसके अलावा गांव पिपरिया खुशाली, ऊन खुर्द, बाबर, संडा(खास) खेरा संडा, जहानपुर बनासदेवी, जठिउरा, जठियापुर, उदारा, महमदपुर, कुदिरना, गुरगवां, कजरीनरपुर , टिकरी सहित तीन दर्जन से अधिक ग्रामों में सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि पर मिट्टी का अवैध खनन हो चुका है।
गांव गढ़ा में दस वर्षों में कृषि भूमि पर मिट्टी के खनन से एक किलोमीटर वर्ग क्षेत्र दस फिट गहरा तालाब में तब्दील हो गया है। शिकायत करने पर भी अफसरों ने कोई ध्यान नहीं दिया। - ओमकार सिंह यादव, शिकायतकर्ता, निगोही
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निगोही क्षेत्र के गांव गढ़ा में मिट्टी और इस क्षेत्र की कठिना व गर्रा नदी में रेत खनन होने के बारे में जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराकर खनन माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - वेद सिंह चौहान, एसडीएम तिलहर।
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