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निगोही को नगर पंचायत के विरोध में आए हमजापुर वाले, प्रस्ताव पर आपत्ति जताई

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शाहजहांपुर/ निगोही। निगोही को नगर पंचायत बनाने के लिए शासन स्तर से अधिसूचना जारी की जा चुकी है। नगर पंचायत बनाने के प्रस्ताव में आसपास के कई गांवों को शामिल किया गया है। इनमें शाहजहांपुर मार्ग स्थित हमजापुर गांव है। मगर हमजापुर के कुछ ग्रामीणों ने प्रस्ताव पर कई आपत्तियां लगाई हैं। उनकी मुख्य आपत्ति कृषि योग्य जमीनों की बिक्री, हस्तांतरण पर लगाई गई रोक को लेकर है। हालांकि, निगोही के अधिकांश लोग विकास की दृष्टि से कस्बे को नगर पंचायत बनाने के समर्थन में हैं।
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निगोही केवल कहने भर को गांव है, लेकिन उसका स्वरूप छोटे नगर जैसा है। बढ़ते जनसंख्या घनत्व और भौगोलिक सीमाओं का चारों ओर से विस्तार होने के साथ गत एक दशक में कस्बे के पुवायां रोड, तिलहर रोड और बीसलपुर रोड पर आसपास के गांवों के सैकड़ों लोगों ने अपने मकान बना लिए हैं। इसी तरह शाहजहांपुर रोड पर गिरगिचा स्थित चीनी मिल तक नई बसायत बढ़ रही है। इसीलिए क्षेत्र की जनता निगोही को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने की मांग कर रही थी। विभिन्न पार्टियों में विधायक रहे रोशन लाल वर्मा भी इस मुद्दे पर शुरू से जनता के साथ हैं। सपा शासनकाल में उनका बसपा से जुड़ाव होने के कारण यह मांग अनसुनी कर दी गई।
वर्ष 2017 में रोशन लाल भाजपा से विधायक बने तो सदन में उन्होंने फिर से यह मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ शहीद रोशन सिंह के गांव नवादा दरोबस्त आए तो वहां भी विधायक ने उन्हें जनता की ओर से इस आशय का प्रतिवेदन दिया। यही नहीं, हाल ही में विधानसभा सत्र के प्रश्नोत्तर काल में भी उन्होंने इस ओर सरकार का ध्यानाकर्षण किया। अंतत: शासन से मिले निर्देशों के अनुसार एडीएम प्रशासन एवं प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय रामसेवक द्विवेदी ने नगरपालिका अधिनियम 1916 में निहित शक्तियों का प्रयोग करके गत 23 अक्तूबर को अधिसूचना जारी कर जनता से 15 दिन में सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित किए थे।
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130 नंबर गाटा संख्या को लेकर मुख्य आपत्ति
निगोही नगर पंचायत के गठन संबंधी प्रस्ताव में कसबे के नजदीक हमजापुर और पैदापुर गांव की आराजी के चारों ओर फैले 134 गाटा नंबर शामिल किए गए हैं, लेकिन हमजापुर के लोगों की मुख्य आपत्ति वहां के गाटा संख्या 130 को शामिल करने को लेकर है क्योंकि यह ग्राम पंचायत हमजापुर की आबादी का नंबर है। आपत्तिकर्ताओं ने यह भी कहा है कि निगोही की वर्तमान आबादी लगभग तीस हजार हो चुकी है और बीस हजार आबादी पर नगर पंचायत बनाने का शासनादेश लागू है। इसलिए प्रस्ताव में आसपास के गांवों की कृषि भूमि शामिल करना संबंधित किसानों से नाइंसाफी होगी।
आपत्तिकर्ताओं की कहानी, उन्हीं की जुबानी
नगर विकास विभाग ने मैदानी क्षेत्रों में 20 हजार और इससे अधिक आबादी वाले स्थानों को नगर पंचायत बनाने का मानक तय किया है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार निगोही की आबादी 18523 है जो कि अब काफी बढ़ चुकी है। इसलिए प्रस्ताव में हमजापुर अथवा अन्य किसी गांव को शामिल करने की जरूरत नहीं है।
-नरेश कुमार, ग्राम प्रधान, हमजापुर
नियमानुसार नगर पंचायत में जमीनें शामिल करने से पहले अधिसूचना का डुग्गी बजाकर और अन्य तरीकों से प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अधिसूचना जारी होने से पहले ग्रामवासियों से सहमति लेने की औपचारिकता भी पूरी नहीं की गई।
-लाल बहादुर, हमजापुर
ग्राम पंचायत हमजापुर के 90 फीसदी क्षेत्रफल में खेती की जा रही है। हमजापुर में छोटे किसानों की संख्या अधिक है और उनकी आजीविका का साधन केवल खेती और कृषि से संबंधित मजदूरी है। नगर पंचायत का गठन होने की दशा में हमजापुर की गरीब जनता पर
आर्थिक भार बढ़ जाएगा।
-छत्रपाल, हमजापुर
मैंनें जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए निगोही को नगर पंचायत बनाने का प्रयास किया। यह मेरी समझ से परे है कि हमजापुर के लोग इस प्रस्ताव का विरोध क्यों कर रहे हैं। आपत्तियों का निस्तारण गुण-दोष के आधार पर प्रशासन को करना है और इस बारे में मुझे कुछ नहीं कहना है।
-रोशन लाल वर्मा, विधायक
निगोही में बढ़ती जनसंख्या, प्रशासन को विभिन्न स्रोतों से मिल रहे राजस्व, कृषि से अतिरिक्त कार्यों में रोजगार प्रतिशत एवं आर्थिक महत्व आदि मानकों के आधार पर राज्यपाल ने वहां नगर पंचायत गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस बारे में हमजापुर गांव के कुछ लोगों से आपत्तियां प्राप्त हुई हैं और उनका एसडीएम के स्तर से परीक्षण कराया जा रहा है।
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-रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन
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