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कैसे हो कूड़ा निस्तारण, जब कूड़े से कंपोस्ट खाद बनाने वाली मशीन खुद हो गई कूड़ा

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शाहजहांपुर। महानगर के 66 वार्डों से निकलने वाले कूड़े का निस्तारण करने को मंगाई गई दो मशीनें, ककरा कलां स्थित डंपिंग ग्राउंड में महीनों से बंद पड़ी हैं। जबकि नगर निगम की ओर से कूड़ा निस्तारण का काम लखनऊ की एकार्ड हाईड्रो एयर कंपनी को दिया गया था, जोकि कूड़ा निस्तारण के काम पर खरी नहीं उतर पाई और चार महीने में ही नगर निगम ने कंपनी से अनुबंध तोड़ लिया। इसके बाद से मशीनें खुद कूड़ा बनकर रह गई हैं। ऐसे में घरों व फैक्ट्रियों से निकलने वाले कूड़ा का निस्तारण न होने से शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं।
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विधानसभा चुनाव के बाद शाहजहांपुर नगर पालिका परिषद को नगर निगम का दर्जा मिल गया था। जिसके बाद महानगर को नगर निगम की सुविधाएं दिलाने का काम शुरु हो गया। इसके साथ ही महानगर के वार्डों से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण को कंपोस्ट खाद और बिजली बनाने के प्लांट को लगाने का निर्णय लिया गया। जिसका जिम्मा एकार्ड हाइड्रो एयर कंपनी को दिया गया और कंपनी की ओर से दोनों मशीनों को मंगाकर ककरा कलां स्थित डंपिंग ग्राउंड में खड़ा करवा लिया। कंपनी का दावा था कि वह इन मशीनों से प्रतिदिन 350 टन तक कूड़े का निस्तारण करेगी और यूनिट के पूरी क्षमता से काम करने पर रोज 30 टन तक कंपोस्ट खाद बनाई जा सकेगी। बताया जाता है कि करीब चार महीने तक एकार्ड हाइड्रो एयर कंपनी ने कूड़ा निस्तारण के लिए कंपोस्ट खाद बनाने का काम किया, लेकिन धीमी गति और कंपनी द्वारा निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति न हो पाने पर नगर निगम ने कंपनी से अनुबंध खत्म कर लिया। जिसके बाद से कूड़ा निस्तारण का काम पूरी तरह से बंद पड़ा है। अब नगर निगम की खुद ही सफाई व्यवस्था व कूड़ा कलेक्शन का काम देख रहा है, जिसमें कर्मचारियों की लापरवाही साफ देखी जा सकती है।

अब एजी डॉटर्स लगाएगी बेस्ट टू एनर्जी प्लांट
- नगर निगम की ओर से अब कूड़ा निस्तारण के लिए अमेरिकी कंपनी एजी डॉटर्स से अनुबंध किया गया है, जोकि पीपीपी मॉडल पर बेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाएगी। जिससे प्लास्टिक के कचरे को री-साइकिल कर सड़क बनाने में उपयोग किया जाएगा। हालांकि कंपनी को अभी तक प्लांट लगाने के लिए भारत सरकार की ओर से एनओसी नहीं मिल पाई है। जिस कारण महानगर में कूड़ा निस्तारण का काम भी बंद पड़ा है।
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महानगर से प्रतिदिन निकलता है 100 टन कूड़ा
- साढ़े तीन लाख से अधिक आबादी वाले महानगर से प्रतिदिन 100 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। जिसे निस्तारित करने की कोई समुचित व्यवस्था न होने के चलते जहां-तहां सड़क के किनारे कूड़े के ढेर देखे जा सकते हैं। तारीन टिकली, अंजान चौकी के पास और मालगोदाम रोड समेत कई स्थानों को लोगों ने कूड़ा डंपिंग एरिया बना लिया है। ऐसे में यहां से निकलना भी दूभर होता है।

कंपनी तीन बार ले चुकी थी भुगतान
- नगर निगम का एकार्ड हाइड्रो एयर से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के साथ कूड़ा निस्तारण का अनुबंध हुआ था। कूड़ा कलेक्शन के लिए 30 रुपये महीना वसूलने का जिम्मा भी कंपनी का था। लेकिन कूड़ा कलेक्शन व निस्तारण के लिए कंपनी को 750 देने थे। जिसमें से कंपनी ने तीन बार में 72 लाख रुपये का भुगतान भी ले लिया था, लेकिन साथ में काम करने वाले ठेकेदार और ई-रिक्शा चालक व मेंटीनेस करने वालों को कुछ नहीं दिया और भाग गई। ठेकेदार याकूब ने बताया कि उनके पास फार्म पर 50 ई-रिक्शा की चार्जिंग और मेंटिनेंस का जिम्मा था। उसका 7.68 लाख रुपये का भुगतान किए बिना ही कंपनी फरार हो गई, जिसको लेकर नगर आयुक्त को ज्ञापन देकर भुगतान कराने की मांग की थी, लेकिन अब तक एक रुपया नहीं मिला है।

- एकार्ड कंपनी को पीपीपी मॉडल पर प्रोजेक्ट लगाकर कूड़े से कंपोस्ट खाद बनाने का काम करना था, लेकिन वह डेमो में सफल नहीं हो पाई। इसलिए उससे अनुबंध वापस लिया गया था, अब नई कंपनी बेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाएगी। जिससे जल्द ही शहरवासियों को 24 घंटे बिजली का लाभ मिल सकेगा। -विद्याशंकर सिंह, नगर आयुक्त शाहजहांपुर।
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