शाहजहांपुर। नगर निगम की ओर से ककरा कलां स्थित 10 हेक्टेयर भूमि पर जैव विविधता पार्क विकसित करने का निर्णय लिया गया। रविवार को नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने निगम के अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। गर्रा नदी के किनारे ककरा कलां स्थित नगर निगम भूमि की जैव विविधता पार्क विकसित किए जाने के लिए उपयुक्त पाई गई है।
अमर उजाला ने 21 जनवरी को शहर में ले सकेंगे जंगल का मजा, ककरा में बन रहा फॉरेस्ट पार्क..की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अब इस पार्क को विकसित करने की तैयारी है। जिसके लिए रविवार को नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस पार्क को विकसित करने के लिये नोएडा एवं अन्य स्थलों में पूर्व से स्थापित विभिन्न जैव विविधता पार्कों का भी अध्ययन किया जाएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि जैव विविधता वाले इस पार्क में विभिन्न प्रजाति के 5100 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस कार्य के लिए चयनित स्थल को 5 सेक्टर में विभाजित कर 05 सेक्टर अधिकारियों को नियुक्त करते हुए यथाशीघ्र पौधे को लगाने के लिये गड्ढों की खुदाई एवं उसमें खाद आदि को समय से भरकर तैयार करने करने के निर्देश दिए गए हैं।
ले-आउट तैयार करने व मिट्टी के अध्ययन का निर्देश
- नगर आयुक्त ने द्वारा मुख्य अभियंता (सिविल) को प्रस्तावित जैव विविधता पार्क का ले-आउट शीघ्र तैयार करने तथा प्रस्तावित स्थल की मिटटी का अध्ययन कर उनके उपयुक्त विशिष्ट जाति के पौधे का चयन करने का निर्देश दिया गया। चयनित पौधों में से जो पौधे वन विभाग की नर्सरी में उपलब्ध होंगे उन्हें वन विभाग के माध्यम से निशुल्क प्राप्त किया जाएगा। बाकी पौधे खरीदे जाने के लिए नियमानुसार टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। विशिष्ट जाति के पौधों के शीघ्र निर्धारण एवं टेंडर के माध्यम से खरीद करने के लिए अपेक्षित कार्यवाही शीघ्रता से किए जाने के लिये मुख्य अभियंता (सिविल) को निर्देशित किया गया।
स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थियों के अध्ययन व शोध में निभाएगा भूमिका यह पार्क स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ-साथ शहर एवं आसपास के प्रकृति प्रेमियों के अध्ययन एवं शोध में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रस्तावित जैव विविधता पार्क में जैविक उपचार से संबंधित पौधों को भी स्थान दिया जाएगा। इस पार्क में जीवजन्य एवं पौधों की विशिष्ट जातियों को जानने, बीज अनुकरण को समझने, जैविक उपचार को समझने, परिस्थितिकी तंत्र का पुर्नविकास करने तथा खाद्य-तंत्र को समझने आदि के लिए इंडोर एवं आउटडोर प्रदर्शनी के लिए अलग से स्थान चिह्न्ति किया जाएगा। इस पार्क के विकसित होने के बाद शहर का परिस्थितिकी संतुलन बनेगा तथा यह पार्क शहर को स्वस्थ एवं सुंदर रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा।