शाहजहांपुर। जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। रविवार को ददरौल ब्लॉक के बरनावा गांव में दो युवकों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जो आपस में चचेरे-तहेरे भाई हैं। दोनों 17 मई कसे गुड़गांव से लौटे थे। तीसरा युवक बंडा इलाके गांव गुनहा खमरिया का कोरोना पॉजिटिव मिला है। वह 23 मई को दिल्ली से घर लौटा था। एक दिन में तीन कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। तीनों कोरोपा पॉजिटिव युवकों को कोविड -19 अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके संपर्क में आए लोगों की तलाश करने के साथ दोनों गांवों को सील किया जा रहा है।
कांट। ददरौल ब्लॉक के गांव बरनावा के दो युवक गुड़गांव में मजदूरी करते थे। लॉकडाउन लागू होने पर गुड़गांव में दोनों को काम मिलना बंद लो गया तो 17 मई को रोडवेज बस में अपने गांव लौटे थे। वहां से लौटने पर दोनों केा होम क्वारंटीन किया गया था। 28 मई को उनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए। एसीएमओ डॉ. शैलेंद्र आर्या ने बताया कि रविवार 15 लोगों की जांच रिपोर्ट आई। इनमें बरनावा गांव के दोनों युवक पॉजिटिव पाए गए। दोनों युवा आपस में चचेरे भाई हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम पॉजिटिव निकले युवकों के संपर्क में आए लोगों की तलाश में जुट गई है। बरनावा गांव की बैरीकेडिंग करके सील किया जा रहा है। रविवार को एसडीएम सदर सुरेंद्र सिंह ने बरनावा गांव पहुंचकर लोगों से घरों में रहने की अपील की। उन्होंने गांव को कंटेन्मेंट जोन घोषित होने की जानकारी दी। 500 मीटर के दायरे में आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पूरे गांव को सैनिटाइज किया जा रहा है।
पांच मई को दिल्ली से आया बंडा का कोरोना पॉजिटिव निकला युवक
बंडा गांव गुनहा खमरिया निवासी 37 वर्षीय युवक दिल्ली में मजदूरी करता था। उसकी ससुराल लखीमपुर के थाना हैदराबाद के गांव हरगोविंदपुर में है। युवक की पत्नी और तीन बच्चे हरगोविंदपुर में ही रहते हैं। दिल्ली से लौटने पर पांच मई को युवक अपनी ससुराल हरगोविंदपुर पहुंचा था। वहां वह 14 दिन तक स्कूल में क्वारंटीन रहा था। उसकी स्वास्थ्य जांच भी की गई थी। युवक अपनी ससुराल में कई दिन तक रुका । इसके बाद 23 मई को वह अपने घर गांव गुनहा खमरिया आया, लेकिन जांच कराने नहीं गया। सरकार ने प्रवासी श्रमिकों को एक-एक हजार रुपये देने की घोषणा की थी। इसकी जानकारी लगने पर युवक 29 मई को बंडा सीएचसी पहुंचा और एक हजार रुपये दिलाने के लिए नाम दर्ज कराने की बात कही। तब पूछताछ के बाद उसे जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। 31 मई को जांच रिपोर्ट आने पर युवक कोरोना संक्रमित निकला। इसका पता लगने पर पुलिस ने गांव पहुंचकर युवक को उसके घर से बुलाकर स्कूल में रोका और वहां से एंबुलेंस से इलाज के लिए कोविड 19 अस्पताल ददरौल भेज दिया।
युवक का गांव में अलग कमरा बना है। उसकी पत्नी और बच्चों मायके में है। युवक का खाना भाई माखन लाल के घर से आता था। प्रधान सुंदरलाल के प्रतिनिधि परमजीत सिंह ने बताया कि 26 मई को युवक के आने की जानकारी मिलने पर सीएचसी पर जानकारी दी गई थी, लेकिन कोई भी जांच के लिए गांव नहीं पहुंचा।
शराब के नशे में मिला संक्रमित युवक
बंडा। गांव गुनहा खमरिया का कोरोना संक्रमित निकाल युवक पुलिस के पहुंचने पर स्कूल लाया गया तो वह शराब के नशे में था। पुलिस के पूछताछ करने पर नशे में होने की वजह से युवक ठीक से जवाब नहीं दे पा रहा था। चर्चा है कि युवक गांव में कच्ची शराब खरीदने जाता था। युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आने की सूचना से गांव में खलबली है।
पूरा गांव किया गया सील
बंडा। युवक की रिपोर्ट कोरोना संक्रमित आने के बाद गांव गुनहा खमरिया को सील करने का काम शुरू कर दिया गया। पुलिस ने गांव के लोगों को घर के अंदर रहने के निर्देश दिए हैं। बाहर घूमने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। गांव के लोगों ने पुलिस की चेतावनी के बाद पशुओं को भूसा आदि डालकर काम चलाया। कोई भी चारा आदि लेने नहीं जा सका।
स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही आई सामने
बंडा। युवक अपनी ससुराल से 23 मई को गांव आ गया था, लेकिन प्रधान और निगरानी समिति के सदस्यों ने अधिकारियों की इसकी सूचना देना जरूरी नहीं समझा। 27 मई को प्रधान प्रतिनिधि ने युवक के गांव आने की जानकारी सीएचसी पर दी, लेकिन सीएचसी से कोई भी टीम गांव भेजकर युवक की जांच करने की जरूरत नहीं समझी गई। बाद में गांव के तमाम लोगों के कहने और आशा बहू के समझाने पर युवक अस्पताल नहीं गया और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी उसकी जांच को नहीं पहुंची। प्रवासी श्रमिकों को एक हजार रुपये मिलने की जानकारी पर युवक 29 मई को बंडा सीएचसी पहुंचा तब युवक को जिला अस्पताल भेजा गया। युवक का सैंपल लेने के बाद उसे क्वारंटीन करने के स्थान पर घर भेज दिया गया।
गांव गुनहा खमरिया के चारो ओर पांच सौ मीटर का एरिया सील किया जा रहा है। युवक के संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन किया जाएगा और सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे। पूरे गांव के 160 घरों के लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। - दशरथ कुमार, एसडीएम पुवायां