पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में आरोपी सचिन के जमानतदारों के सत्यापन प्रपत्र सोमवार शाम तक कोर्ट में नहीं पहुंचे। यदि मंगलवार तक सत्यापन प्रपत्र नहीं पहुंचते हैं तो कोर्ट में शीतकालीन अवकाश होने से सचिन की रिहाई एक सप्ताह लटक सकती है।
चिन्मयानंद से फिरौती मांगने के आरोपी विक्रम, उसके चचेरे भाई संजय सिंह और मौसेरे भाई गाजियाबाद निवासी सचिन सेंगर उर्फ सोनू को एसआईटी ने 20 सितंबर को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद विक्रम को जेल से रिहा कर दिया गया, इससे पहले छात्रा की रिहाई हुई। सचिन की जमानत भी हाईकोर्ट से मंजूर हो चुकी है। उसके जमानतदारों के प्रपत्र सत्यापन के लिए गाजियाबाद भेजे गए हैं, जो सोमवार शाम तक कोर्ट में नहीं पहुंचे।
बुधवार से कोर्ट में शीतकालीन अवकाश हो जाएगा, जो 31 दिसंबर तक रहेगा। एक जनवरी को कोर्ट खुलेगा यानी मंगलवार को सचिन के सत्यापित प्रपत्र कोर्ट नहीं पहुंचे तो उसकी रिहाई शीतकालीन अवकाश के बाद ही संभव हो सकेगी। उधर, चिन्मयानंद से फिरौती मांगने के आरोपी संजय की जमानत अर्जी पर अभी हाईकोर्ट में बहस शुरू नहीं हो पाई है।