पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में आरोपी विक्रम सिंह को रविवार सुबह जेल से जमानत पर रिहा कर दिया गया। विक्रम को एसआईटी ने 20 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पांच करोड़ रुपये फिरौती मांगने के मामले में विक्रम की साक्ष्य मिटाने में मुख्य भूमिका रही थी। राजस्थान के दौसा से बरामद मोबाइल उसी ने तोड़कर छिपाया था, इस मोबाइल में कई महत्वपूर्ण साक्ष्य होने की संभावना जताई गई थी। उसकी निशानदेही पर एसआईटी ने राजस्थान से मोबाइल बरामद किया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मंजूर होने पर शनिवार को जमानतदारों का सत्यापन होने के बाद सीजेएम कोर्ट से जेल को परवाना भेजा गया था, लेकिन जेल में परवाना देरी से पहुंचा, इसलिए विक्रम की रिहाई नहीं हो पाई।
परिजन उसकी रिहाई के लिए रविवार सुबह जिला कारागार पहुंचे जहां कागजी कार्रवाई के बाद उसे सुबह करीब 8:20 बजे जेल से रिहा कर दिया गया। विक्रम के चचेरे भाई संजय सिंह की जमानत पर अभी हाईकोर्ट में बहस शुरू नहीं हो पाई है।
मौसेरे भाई गाजियाबाद निवासी सचिन सेंगर उर्फ सोनू के जमानतदारों के प्रपत्र सत्यापन को गाजियाबाद गए हैं। वहां से सत्यापन के बाद उसकी रिहाई संभव है।