शाहजहांपुर। गत वर्ष की तुलना में परिषदीय विद्यालयों की छात्र संख्या कम रह गई। बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए जुलाई महीने में स्कूल चलो अभियान को शुरू किया जाएगा। शिक्षक स्कूलों से मुंह मोड़ने वाले बच्चों को तलाश करने के बाद उनके अभिभावकों की काउंसलिंग करेंगे।
पिछले वर्ष तीन लाख 23 हजार छात्र-छात्राएं परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत थे। इस बार काफी प्रयास करने के बावजूद दो लाख 70 हजार विद्यार्थी ही पंजीकृत हो सके हैं। जून महीने में अवकाश होने के बाद जुलाई में विद्यालय खोले जाएंगे। स्कूलों में पढ़ाई शुरू होने के साथ ही स्कूल चलो अभियान के तहत रैली भी निकाली जाएगी।
इसके लिए महानिदेशक स्कूली शिक्षा का पत्र भी बीएसए को प्राप्त हो गया है। इसके तहत अध्यापकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को क्षेत्र के सभी घरों में संपर्क स्थापित कर नामांकन कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों से मुंह मोड़ने वाले बच्चों को तलाश कर उनकी सूची बनाकर अभिभावकों की काउंसलिंग करने पर जोर दिया।
विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति और छात्र-छात्राओं के सीखने के स्तर को बढ़ाने के लिए प्रेरक कार्य करने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह विद्यालयों में पीटीएम की बैठक कर अधिकतर अनुपस्थित और ड्रॉप आउट बच्चों को कम करने पर चर्चा की जाएगी। अभिभावकों से संपर्क स्थापित कर उनकी काउंसलिंग कर स्कूलों में बच्चों की वापसी व नियमित उपस्थिति के प्रयास करने को कहा गया है।
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ड्रॉप आउट बच्चों का सर्वे शारदा पोर्टल से पूर्व में किया गया है। लक्ष्य यह है कि छह से 14 वर्ष तक का प्रत्येक बच्चा निजी या मान्यता प्राप्त स्कूल में पढ़ने जाए। सर्वे कराकर प्रत्येक बच्चों काे शिक्षा से जोड़ा जाएगा।
सुरेंद्र मौर्या, प्रभारी बीएसए