शाहजहांपुर। गलन बढ़ते ही सर्दी लगने से बच्चे निमोनिया से पीड़ित होने लगे हैं। पसली चलने और निमोनिया जैसे लक्षण होने पर 16 बच्चे राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। इसमें आठ को निमोनिया है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना ही एक हजार से ज्यादा लोग पर्चा बनवाते हैं। मेडिसिन विभाग के अलावा बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष में सर्वाधिक मरीज पहुंचते हैं। सर्दी की चपेट में आने वाले अधिकतर बच्चों को लेकर अभिभावक अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें तेज बुखार और निमोनिया के लक्षण वाले ज्यादा हैं।
प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि बाल रोग वार्ड में वर्तमान में 16 बच्चे भर्ती हैं। इनमें लगभग आठ बच्चे निमोनिया से पीड़ित हैं। बताया कि बच्चे को सांस लेने में कठिनाई, पसली चलना, लगातार खांसी या तेज बुखार होने पर नजरअंदाज नहीं करें। यह निमोनिया के संकेत हो सकते हैं। बच्चों में निमोनिया होने पर रात में नींद नहीं आती। बेचैनी होना, दूध नहीं पीना, सांस लेने में तकलीफ, सांस फूलना शुरुआती लक्षण हैं।
निमोनिया के लक्षण
- बुखार, बलगम वाली खांसी, सूखी खांसी, भूख न लगना, थकान, उल्टी- दस्त
इन बातों का रखें ध्यान
- बच्चों को स्कूल भेजते समय उनके कान, हाथ व सिर को गर्म कपड़ों से ढकें।
- बच्चों की बोतल में गुनगुना पानी भरकर दें, ठंडी सामग्री खाने-पीने से बचाएं।
- मोटा अनाज खाएं, गुड़, चना समेत गर्म तासीर वाली खाद्य सामग्री उपयोग करें।