मिर्जापुर। ईंट पथाई के लिए मिट्टी खनन से बने दस फुट गहरे गड्ढे में मंगलवार सुबह रेत निकालने गए दो भाई मिट्टी धंसने से दब गए। माता-पिता और मजदूरों ने जब तक उन्हें बाहर निकाला, उनमें से एक की मौत हो चुकी थी। सूचना भट्ठा मालिक तक पहुंची तो मृतक के परिजन को चार लाख रुपये देकर मामले को रफादफा कर दिया गया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर पहुंच गए। बाद में एसडीएम कलान रमेश चंद्र के निर्देश पर पुलिस ने मौका मुआयना कर मामले की जानकारी ली।
थाना जलालाबाद क्षेत्र के गांव मढ़ैया गुसाईं निवासी अच्छन मिर्जापुर क्षेत्र के गांव पृथ्वीपुर ढाई स्थित बालाजी ब्रिक फील्ड पर पत्नी दिलजहां के साथ ईंट पाथने का काम करते हैं। साथ में उनके बच्चे भी मदद करते हैं। मंगलवार सुबह उनके बेटे 10 वर्षीय शोएब और आठ वर्षीय शफी मिट्टी खनन कर दस फुट गहरे खोदे गड्ढ़े में उतरकर रेत निकाल रहे थे। इसी दौरान मिट्टी धंस गई और दोनों उसमें दब गए। शफी का कुछ शरीर बाहर रह गया लेकिन शोएब पूरी तरह मिट्टी में दब गया। शफी के चीखने पर पहुंचे माता-पिता और अन्य मजदूरों ने मिट्टी हटाकर उसे तो निकाल लिया लेकिन दम घुटने से शोएब की मौत हो गई। मौके पर पहुंचे ईंट भट्ठा मालिक और ठेकेदार ने चार लाख रुपये देकर बालक के परिजन को चुप करा दिया तो पुलिस में शिकायत नहीं की गई।
कलान एसडीएम की सूचना पर मौका मुआयना किया गया है। भट्ठा मालिक से बात की जा रही है। अभी इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है। बच्चे के शव को लेकर परिवारवाले अपने घर चले गए हैं। - दिलीप यादव, थानाध्यक्ष