सहकारी चीनी मिलों के निरीक्षण को निकले प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव (चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग) संजय आर. भूसरेड्डी बृहस्पतिवार दोपहर यहां गन्ना शोध परिषद पहुंचे। उन्होंने वहां निर्माणाधीन प्रयोगशाला भवन की गुणवत्ता परखी और परिषद के निदेशक डॉ. बीएल शर्मा को नवीनतम शोध कार्यों का लाभ किसानों तक पहुंचाने की कारगर व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव रेड्डी के साथ सहकारी चीनी मिल संघ के प्रबंध निदेशक सुरेश कुमार भी थे। परिषद के निदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने प्रशासनिक भवन में प्रमुख सचिव और एमडी का अन्य वैज्ञानिकों के साथ स्वागत किया। प्रमुख सचिव ने निदेशक से परिषद की गतिविधियों का ब्यौरा लेने के बाद वहां निर्मित की जा रही लैब का निरीक्षण किया। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता परखने के लिए प्रमुख सचिव ने बिल्डिंग में इस्तेमाल की जा रही ईंट स्वयं तोड़कर उसकी रंगत परखी। यही नहीं, चिनाई के लिए प्रयोग हो रहे गारा का मिश्रण देखा सीमेंट के तसला में पानी भरवाकर यह भी सुनिश्चित किया कि सीमेंट और बालू का अनुपात 1-4 रखा गया है अथवा नहीं। जिले की चीनी मिलों के गन्ना रकबा का निदेशक से विवरण लिया। पत्रकारों से वार्ता करते हुए प्रमुख सचिव ने कहा कि चीनी उत्पादन में बढ़ोत्तरी के लिए प्रदेश में सहकारी मिलों की पेराई क्षमता बढ़ाई जा रही है और इसी काम की मॉनीटरिंग के लिए जनपद वार दौरे पर निकले हैं। उन्हाेंने कहा कि जीएसटी लागू होने की वजह से गन्ना शोध परिषद का बजट रुका था, लेकिन अब उसे स्वीकृति मिल गई है। परिषद के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ भी जल्द मिलेगा।