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Shahjahanpur News: मेडिकल कॉलेज में चोरों की घुसपैठ प्रकरण में चीफ फार्मासिस्ट को हटाया

Tue, 04 Jun 2024 04:17 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में सर्जिकल सामग्री से भरी पिकअप मिलने के मामले चीफ फार्मासिस्ट जेडी बंसल को हटा दिया गया। उनकी जगह सुभाष कनौजिया को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, 58 घंटे के बाद भी थाने में तहरीर नहीं दी गई है।
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शनिवार की रात करीब 11 बजे पिकअप को रोककर सुरक्षा कर्मियों ने जांच की थी। पूछताछ में चालक व एक अन्य व्यक्ति मौके से भाग गया था। पिकअप में दवा होने की आशंका के चलते उसे ट्रामा सेंटर के बाहर खड़ा करा दिया था। प्राचार्य डॉ.राजेश कुमार के निर्देश पर रविवार को सीएमएस डॉ.नेपाल सिंह के नेतृत्व में गठित कमेटी ने जांच को शुरू किया। गाड़ी में लोड दो बोरों को खोला तो उसमें कॉटन और आईबी डि्रप सेट भरे मिले। इसके अतिरिक्त करीब 30 डिब्बों में टेप, घाव को भरने के लिए उपयोग होने वाली डायना प्लास्ट, ग्लव्स, अलग-अलग साइज की सिरिंज मिली है। सामान को अलग कमरे में रखकर सील कर दिया था। अधिकारियों का अनुमान है कि बरामद सामान की कीमत करीब पांच लाख रुपये होगी। पिकअप को एक कमरे में खड़ा कराया है। प्राचार्य डॉ.राजेश कुमार ने अस्पताल के फार्मेसी विभाग के चीफ फार्मासिस्ट जेडी बंसल को हटा दिया। उनकी इमरजेंसी में ड्यूटी लगाई है। उनकी जगह पर सुभाष कनौजिया को जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने गोदाम में उपलब्ध सामान का लेखा-जोखा नहीं मिलने के चलते चार्ज नहीं संभाला है।

पिकअप में सवार था गोदाम का प्राइवेट कर्मी
-राजकीय मेडिकल कॉलेज के फार्मेसी विभाग में प्राइवेट कर्मी भी कार्य करता था। वह दवाओं के निष्प्रयोज्य गत्ते आदि बेच लेता था। अस्पताल की ओर से भुगतान नहीं होता था। अधिकारियों की जांच में सामने आया कि उस रात पिकअप में चालक के साथ वह प्राइवेट कर्मी भी था। घटना के बाद से वह लापता है। फार्मेसी विभाग में एक बाबू, दो फार्मासिस्ट और एक वार्ड ब्वॉय नियुक्त हैं। बताते हैं कि दवा गोदाम की एक चाभी वार्ड ब्वॉय के पास भी रहती थी। अब वार्ड ब्वॉय के सिर पर भी ठीकरा फोड़ने की आशंका है।
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गोदाम व दवा स्टोर में नहीं लगे कैमरे
-दवा के गोदाम व दवा स्टोर में कैमरे नहीं लगे हैं। एकांत में बने हाेने के चलते वहां की गतिविधियों की जानकारी भी अधिकारियों को नहीं मिल पाती है। इसी का फायदा उठाकर दवा की चोरी का मामला लंबे समय से चलने की संभावना है। इससे पहले भी दवाई को जलाने का वीडियो वायरल हुआ था। हालांकि, उस समय अधिकारियों ने मामले को दबा दिया था।
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बैच का मिलान और गवाहों के बयान नहीं हो सके
-तीन दिन में जांच कमेटी को अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को उपलब्ध करानी है। फिर भी जांच की गति काफी धीमी है। अभी तक बैच का मिलान, दवा गोदाम के स्टाफ, सिक्योरिटी गार्ड आदि के बयान नहीं हो सके हैं।
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-पिकअप में सर्जिकल का सामान मिलने के मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। इस बीच चीफ फार्मासिस्ट को हटा दिया। जांच पूर्ण होने के बाद थाने में तहरीर दी जाएगी।
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डॉ.राजेश कुमार, प्राचार्य-राजकीय मेडिकल कॉलेज
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