टाउनहाल क्लब आल इंडिया गोल्ड कप प्राइजमनी हॉकी टूर्नामेंट शुक्रवार से शुरू हो गया। टाउनहाल क्लब के हरे-भरे मैदान पर मुख्य अतिथि पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा ने सपा जिलाध्यक्ष एवं चेयरमैन तनवीर खां और हॉकी संघ के सचिव हाजी एजाज हसन खां उर्फ अच्छू खां के साथ मैदान पर फीता काटकर और रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाकर टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। इसकेे उन्होंने खिलाडिय़ों से परिचय प्राप्त कर टूर्नामेंट आरंभ करने की घोषणा की। टूर्नामेंट का उद्घाटन मुकाबला एमआरसी चेन्नई और चैंपियन क्लब रामपुर के मध्य हुआ, जिसमें चेन्नई की टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 4-2 से जीत दर्ज कर अगले चक्र में प्रवेश किया।
उद्घाटन मुकाबला काफी रोमांचक रहा। चेन्नई के खिलाडिय़ों ने छोटे-छोटे पास पर शानदार कलात्मक खेल का प्रदर्शन करते हुए प्रतिद्वंदी टीम को खूब छकाया और बाला, दिनेश, शुभम ने चार गोल ठोककर रामपुर की कमर ही तोड़ दी। काफी देर बाद होश में आई रामपुर की टीम ने लगातार दो गोल किए, जो नाकाफी साबित हुए। इसी तरह दूसरा मुकाबला फतेहगढ़ इलेविन और कोचिंग सेंटर शाहजहांपुर के बीच हुआ। इस मुकाबले में कोचिंग सेंटर ने दो के मुकाबले तीन गोल से जीत दर्ज की। तीसरा मैच कोहिनूर क्लब पीलीभीत और टाउनहाल क्लब के बीच खेला गया। टाउनहाल क्लब के आगे पीलीभीत के खिलाड़ी बौने साबित हुए। एकतरफा मुकाबले में टाउनहाल क्लब ने नौ गोल से जीत दर्ज की। पराजित टीम कोई गोल नहीं कर सकी।
रेफरी की भूमिका चेन्नई के विजय, टाउनहाल क्लब के वरिष्ठ खिलाड़ी होशदार खां, फैसल, अब्दुल सलीम, खुशमीत सिंह, दिलेर सिंह तथा टेक्निकल अंपायरिंग रहबर खां और अली अरशद ने की। लईक हसन खां और राजू के संचालन में हुए उद्घाटन कार्यक्रम में सपा जिला महासचिव रणंजय सिंह यादव, कैप्टन एलडी शुक्ला, तालिब हुसैन खां, अनवर सईद, वार्ड मेंबर असलम अंसारी, चंद्रवीर गंगू, मुंतका बेग, कासिम खां, डॉ. नुसरत, अब्दुल सलीम, रफी आदि मौजूद रहे। टाउनहाल क्लब के अध्यक्ष रमेश चंद्र दीक्षित ने आभार व्यक्त किया। शनिवार के मैच दोपहर 12.30 बजे से आरंभ होंगे।
घातक है खेलों में पॉलिटिक्स
अजय अवस्थी
शाहजहांपुर। पिछले तीन दशक से इंडियन रेलवे के कोच, सात बार के नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट, एशियाद 1982 में रेफरी की भूमिका निभाने वाले, आल इंडिया बैडमिंटन टूर्नामेंट में चार बार सिल्वर मेडल जीत चुके कृष्ण गोपाल का मानना है कि खेलों में पॉलिटिक्स की कोई भूमिका नहीं है। पॉलिटिक्स खेलों के लिए बहुत घातक है। दुर्भाग्य यह है कि इसके बावजूद बिना पॉलिटिक्स के कोई खेल आयोजन संभव नहीं है।
जीएफ कॉलेज में यूपी बैडमिंटन टूर्नामेंट में बतौर चीफ रेफरी आए कृष्ण गोपाल ने अमर उजाला से खुलकर बात की। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह समय बैडमिंटन के लिए स्वर्णिम युग की तरह है। एक जमाना था, जब हमारे खिलाड़ी बड़े टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई ही नहीं कर पाते थे, ओलंपिक, एशियाड जैसे आयोजनों के लिए क्वालीफाई कर लेना ही बड़ी बात होती थी। जीतने का तो कोई मतलब ही नहीं था, क्वालीफाई करने वाला ही ओलंपियन कहलाने लगता था, लेकिन अब साइना नेहवाल, पीवी संधू, ज्वाला गुट्टा, अश्वनी पुनप्पा, के श्रीकांत, एचएस परनोए, टी कश्यप, समीर वर्मा जैसे खिलाड़ियों की एक चेन बन चुकी है, जो विदेशी खिलाड़ियों के वर्चस्व को तोड़ रहे हैं। ये खिलाड़ी सिर्फ बड़े टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई ही नहीं कर रहे, बल्कि विजेता भी बन रहे हैं।
कृष्ण गोपाल का कहना है कि आईबीएल ने भी खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने का काम किया है। अब हमारे खिलाडिय़ों के पास मान-सम्मान, पैसा, पहचान और प्रायोजक हैं, जो पहले नहीं थे। खिलाडिय़ों ने फाइनेंशियल गेन किया है, जॉब उनके पीछे-पीछे चलता है। चाइना, इंग्लैंड जैसे देशों को कड़ी टक्कर देने में माहिर हो चुके हैं हमारे खिलाड़ी।