कोतवाली क्षेत्र में मिशन तिराहा पर बुधवार को कृष्ण की छठी पर हो रहे भंडारे को लेकर एक पक्ष ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल बिगड़ गया। दोनाें पक्षों की तरफ से भीड़ जुट गई और नारेबाजी शुरू हो गई। हंगामे की सूचना मिलते ही सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी, सीओ सदर, कोतवाली पुलिस के समेत सात थानों की फोर्स पहुंच गई। करीब 12.30 बजेे शुरू हुआ हंगामा तीन बजे तक चलता रहा। पुलिस एक पक्ष को रोके रही, वहीं दूसरा पक्ष लोगों को भंडारा खिलाता रहा। मौके पर पहुंचे एसपी सिटी ने मोर्चा संभाला और विरोध कर रहे पक्ष को खदेड़ने के बाद आधे घंटे का समय देकर भंडारा समाप्त करा दिया। इस दौरान केरूगंज रोड पर यातायात रोक दिया गया। मामला शांत होने के बाद ही यातायात सामान्य हो सका। हालात को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
मिशन तिराहा के पास एक मजार के पास बने मंदिर में जन्माष्टमी के अवसर पर दो साल पहले डीजे बजाने को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हुआ कि मंदिर में जन्माष्टमी के अवसर पर डीजे नहीं बजाया जाएगा। इस बार हुई जन्माष्टमी में लोगों ने फिर से मंदिर में डीजे लगा लिया था। दूसरे पक्ष के विरोध करने के बाद कोतवाली पुलिस ने डीजे हटा दिया था। डीजे हटाने के बाद एक पक्ष आक्रोशित हो गया था और नारेबाजी शुरू कर दी थी। मौके पर पर पहुंचे पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने मामला शांत कराया था।
आज बुधवार को श्रीकृष्ण की छठी के अवसर पर तिराहा पर भंडारे का आयोजन किया गया। दोपहर करीब 12.30 बजे दूसरे समुदाय के लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया और गौहरपुरा जाने वाली गली के पास उन्होंने जमघट लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने मामला शांत करने की कोशिश की, लेकिन हंगामा करने वालाें ने उनकी एक नहीं सुनी। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट विजय शंकर दुबे, सीओ सिटी अवीनश्वर चंद्र श्रीवास्तव, सीओ सदर अखिलेश भदौदिया, एसडीएम सदर अजय तिवारी, एलआईयू इंस्पेक्टर सलूजा सिंह पहुंच गए। थाना सदर बाजार, आरसी मिशन, रोजा, कांट, सिंधौली और सेहरामऊ दक्षिणी पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने पीएसी की कंपनी को भी मौके पर बुला लिया। विरोध करने वाले पक्ष को पुलिस फोर्स ने गौहरपुरा जाने वाली सड़क के पास रोक लिया। उधर, भंडारा चलता रहा। बीच-बीच में दोनों पक्षाें की तरफ से नारेबाजी होती रही। करीब ढाई घंटे तक हंगामा चलता रहा। करीब पौने तीन बजे एसपी सिटी एपी सिंह ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। विरोध करने वाले पक्ष को खदेड़ने के बाद भंडारा कर रहे लोगों से आधे घंटे में आयोजन समाप्त करने को कहा। करीब सवा तीन बजे भंडारे में खाना खत्म होने के बाद भंडारा शांत करा दिया गया। भंडारा करने वाले लोगों को पुलिस छाया कुआं तक छोड़कर आई।
एसपी सिटी ने माहौल खराब करने वालों को हिदायत दी कि किसी भी हालत में दुस्साहस किया तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। कुछ देर में स्थिति सामान्य होने के बाद सड़क पर यातायात खोल दिया गया।
खुफिया रिपोर्ट के बाद भी नहीं
सतर्क हुई कोतवाली पुलिस
खुफिया पुलिस ने बुधवार को आज हुए भंडारे के मद्देनजर मौके पर मंगलवार की रात ही गड़बड़ी की आशंका जताते हुए वहां फोर्स तैनात करने की रिपोर्ट दी थी, लेकिन कोतवाली इंस्पेक्टर से इसको गंभीरता से नहीं लिया। कोतवाली पुलिस पहले से सतर्क हो गई होती तो शायद यह हंगामा न होता। दोनों पक्षों के लोगों के साथ बातचीत करने के बाद मामला शांतिपूर्वक निपटाया जा सकता था।
हंगामा करने वाले
को कई बार खदेड़ा
पुलिस ने नारेबाजी करने वाले और हंगामा करने वाले खुराफातियों को गलियों में कई बार खदेड़ा, लेकिन फिर भी पुलिस की नजर बचते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट जाती और नारेबाजी करने लगती थी। पुलिस ने हंगामा करने वाले लोगों की वीडियोग्राफी कर ली है। कई पुलिस कर्मी लगातार वीडियोग्राफी कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक वीडियोग्राफी में आए लोगों को चिन्हित किया जाएगा। माहौल बिगड़ने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
असामाजिक तत्व बिगाड़ना
चाहते हैं शहर का माहौल
शाहजहांपुर। शहर में कुछ असामाजिक तत्व माहौल खराब करना चाहते हैं। ऐसे लोग किसी न किसी बहाने की तलाश में रहते हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ऐसा ही एक बहाना तब मिल गया, जब मिशन तिराहे पर धार्मिक स्थल पर डीजे लगाया गया। वैसे तो त्योहार पर शहर में दर्जनों स्थानों पर डीजे लगाए जाते हैं, लेकिन मिशन तिराहे पर डीजे का विरोध किया गया। पुलिस ने भी मौके की नजाकत को समझते हुए डीजे हटवा दिया। बुधवार को श्रीकृष्ण की छठी उत्सव मनाने के लिए हिंदु समुदाय ने कढ़ी-चावल का भंडारा शुरू किया, वैसे ही दूसरे समुदाय के कुछ लोग इसके विरोध में उतर आए। बात आसानी से न बनते देख असामाजिक तत्वों ने अपनी रोटियां सेंकने के लिए बखेड़ा शुरू कर दिया। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में माहौल शांत कराने में घंटों मशक्कत करनी पड़ी। खास बात यह भी देखने को मिली कि दोे समुदायों की ओर से कोई भी ऐसा नुमाइंदा निकलकर सामने नहीं आया कि जो लोगों को समझा पाते। इससे असामजिक तत्वों के हौसले और बढ़ गए। भला हो कि एसपी सिटी एपी सिंह का जिन्होंने की पहुंचते ही माहौल को समझा और अपने अंदाज में भीड़ को तितर-बितर कराया और बिगड़ते माहौल को संभाल लिया।