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Shahjahanpur News: साथ रहने का दबाव बना रही थी चंद्रावती...पुलिस से शिकायत की धमकी दी तो प्रेमी ने मार डाला

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चंद्रावती का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
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शाहजहांपुर/सेहरामऊ दक्षिणी। पुलिस ने सेहरामऊ दक्षिणी थाना क्षेत्र के बरेंग गांव की चंद्रावती की हत्या के मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, चंद्रावती अपने शादीशुदा प्रेमी मिट्ठूलाल पर साथ रहने का दबाव डाल रही थी। उसके मना करने पर जब उसने पुलिस से शिकायत करने की धमकी दी तो मिट्ठूलाल ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। बाद में शव घसीटकर 50 मीटर दूर खेत में डाल दिया। 31 जनवरी से लापता चंद्रावती का कंकाल 28 मार्च को सरसों के खेत से बरामद हुआ था।
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एसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने बताया कि हत्याकांड के खुलासे के लिए एसओजी, सर्विलांस सेल व थाना सेहरामऊ दक्षिणी पुलिस की संयुक्त टीम को लगाया गया था। शुक्रवार दोपहर 2:05 बजे गांव से मिट्ठू को गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर चंद्रावती का की-पैड मोबाइल फोन के कुछ टुकड़े बरामद किए गए। आरोपी मिट्ठूलाल गांव का कोटेदार है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह और चंद्रावती गांव के लोगों के साथ गाते-बजाते थे। इसी दौरान उसके चंद्रावती से प्रेम संबंध हो गए। दोनों ही शादीशुदा थे और उनके बच्चे भी हैं। आरोपी ने बताया कि प्रेम संबंधों के कारण उसके पारिवारिक जीवन में तनाव उत्पन्न होने लगा। पत्नी को भी संबंधों की जानकारी हो गई।
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आए दिन घर पर विवाद होने लगा। उधर, चंद्रावती लगातार उसपर अपने साथ रहने का दबाव बनाने लगी। कई बार चंद्रावती को समझाया, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही। इस कारण मानसिक रूप से परेशान रहने लगे। तब चंद्रावती को रास्ते से हटाने का निर्णय लिया।
31 जनवरी की रात गांव में महिलाओं का संगीत कार्यक्रम था। इसमें चंद्रावती भी शामिल थी। इस बीच चंद्रावती ने उसे कई बार कॉल कर बुलाया। बात करते-करते चंद्रावती अपने घर के पीछे बगिया में आ गई और उसे वहां बुला लिया। साथ रहने की बात पर चंद्रावती से कहासुनी हो गई। उसे काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी।
उसने धमकाया कि वह पुलिस में शिकायत कर देगी। उसने अपना फोन निकालकर 112 नंबर डायल कर दिया तो मिट्ठूलाल ने मोबाइल छीनकर कॉल काट दी। इसके बाद चंद्रावती का गला दबा दिया। उसकी मौत के बाद शव करीब 50 मीटर तक घसीटकर सेवाराम के सरसों के खेत में ले जाकर फेंक दिया। 28 मार्च को चंद्रावती का सिर व शरीर की कुछ अन्य हड्डियां मिली थीं। माना जा रहा है कि बाकी धड़ जानवरों ने नोच खाया।

चंद्रावती को लोग समझे जिंदा, इसलिए उसके मोबाइल से की कॉल
आरोपी मिट्ठूलाल कोटेदार है और चंद्रावती का पति रामनिवास प्रधान रह चुका है। आरोपी ने बताया कि हत्या के बाद चंद्रावती का मोबाइल बंद कर घर में छिपा दिया था। पूरी रात चिंतित रहा कि चंद्रवती के मोबाइल फोन का क्या किया जाए। दूसरे दिन सुबह 08:15 बजे रामनिवास ने एक नए मोबाइल नंबर से उसे फोन कर कहा कि उसे पता है कि चंद्रावती को उसने गायब किया है। घबराकर कैलहा गांव जाकर उसने चंद्रावती के मोबाइल से उसके पति रामनिवास को कॉल की, लेकिन कुछ बोला नहीं। इसके बाद चंद्रावती के मोबाइल से भरगवां निवासी एक रिश्तेदार व एक अन्य नंबर पर कॉल की ताकि लोगों को लगे कि चंद्रावती जीवित है। इसके बाद वह घर छोड़कर बाहर चला गया। मोबाइल को भरगवां जाने वाले मार्ग पर तोड़कर फेंक दिया।

55 दिन बाद मिला था कंकाल
एसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने बताया कि 31 जनवरी की रात चंद्रावती की हत्या की गई थी। 20 फरवरी को रामनिवास ने मिट्ठूलाल पर पत्नी चंद्रावती के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 28 मार्च को गांव के सेवाराम के सरसों के खेत से एक मानव कंकाल बरामद हुआ। कपड़ों एवं अन्य सामान के आधार पर रामनिवास ने कंकाल की पहचान अपनी पत्नी चंद्रावती के रूप में की थी। परिजनों का डीएनए टेस्ट भी कराया गया जिसकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है।

आरोपी से ठगे लाखों रुपये
मामले में मिट्ठूलाल की नामजदगी के बाद एक व्यक्ति ने मामले को निपटाने के लिए आरोपी से बात की। बताया जा रहा है कि आरोपी मिट्ठूलाल से उसने करीब चार-पांच लाख रुपये ठग लिए। किसी को शक न हो इसलिए मिट्ठूलाल गांव में ही बना रहा। रिश्तेदारियों में चला जाता था, लेकिन फिर आ जाता था। दूसरी ओर शक के चलते पुलिस की एक टीम उसकी गतिविधियों पर नजर रखे रही।

चंद्रावती का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन

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