शाहजहांपुर। स्वच्छ सर्वेक्षण-22 के तहत सर्वे के लिए एक से 31 मार्च के बीच किसी भी दिन केंद्रीय टीम शहर में सर्वे के लिए आ सकती है। नगर निगम का दावा है कि स्वच्छ सर्वेक्षण केे लेकर तैयारी कर ली गई है। सर्वे के दौरान सिटीजन फीडबैक में सकारात्मक जवाब देकर स्वच्छता रैकिंग में सर्वश्रेष्ठ स्थान दिलाने में सहयोग की जरूरत है।
स्वच्छ भारत मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सैफ ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण-22 के तहत सर्वे के लिए आने वाली केंद्रीय टीम शहर के सभी 61 वार्डों में साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण, डंपिग ग्राउंड सहित तमाम सुविधाओं का आकलन करेगी। इस आकलन के आधार पर ही नगर निगम को सर्वेक्षण में रैंकिंग मिलेगी। पिछली बार नगर निगम की देश में 107वीं रैकिंग मिली थी। इस बार अपने शहर को स्वच्छता के मामले में टॉप पर पहुंचने का अवसर आया है।
अगर इस दौरान नागरिकों ने थोड़ा-सा भी ध्यान दे दिया तो निश्चित ही अपना शाहजहांपुर स्वच्छता में बेहतर मुकाम हासिल कर पाएगा। इसके लिए हम सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। नगर निगम के साथ सामंजस्य बनाकर अपने शहर में फैली गंदगी को दूर करने का प्रयास करें। साथ ही कूड़ा निस्तारण के लिए डस्टबिन का ही प्रयोग करें। घर पर आने वाले सफाई कर्मचारियों को सूखा व गीला कूड़ा अलग-अलग दें। सार्वजनिक स्थानों पर शौच न करें।
7500 अंकों की होगी स्वच्छता परीक्षा
इस बार स्वच्छता की परीक्षा 7500 अंक की होगी, जबकि 2021 में 6000 अंक की थी। इस बार साफ सफाई का आकलन करने के लिए कुछ नए मानदंड जोड़े गए हैं। सर्वेक्षण टीम शहरवासियों से स्वच्छता के बारे में फीडबैक लेकर सीनियर सिटीजन और युवाओं से बातचीत कर सवाल-जवाब करेगी।
इन बिंदुओं पर कसौटी
- शहर में कितनी जगहों पर डस्टबिन रखे हैं।
- किस तरह शहर के कूड़े का निस्तारण हो रहा है।
- लोग खुले में कूड़ा डाल रहे हैं या डस्टबिन का प्रयोग कर रहे हैं।
- सफाई कर्मचारी दिन में कितनी बार आते हैं।
- शहरवासी खुले में शौच करने के लिए तो नहीं जाते हैं।
- नगर निगम में सफाई कर्मचारी कितने हैं और भुगतान किस तरह होता है।
मुख्य सड़कों से उठ रहा कूड़ा, गलियों में फैली गंदगी
एक तरफ स्वच्छता सर्वेक्षण-22 के सर्वे की शुरुआत हो गई है और नगर निगम की ओर से तैयारी पूरी करने का दावा किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर शहरवासी साफ-सफाई, पेयजल, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि नगर निगम के सफाई कर्मचारी सिर्फ मुख्य सड़कों पर ही झाड़ू लगाते और कूड़ा उठाते हैं। जबकि शहर के गली-मोहल्लों की हालत बदतर है।
कहीं नालियां चोक है तो कहीं पर कूड़ा बिखरा पड़ता है। खाली प्लॉटों को कूड़ाघर बना लिया गया है। सड़कें क्षतिग्रस्त है तो नालियां टूटी हुई हैं। लेकिन उन पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। लोगों का कहना है कि सर्वेक्षण के लिए आने वाली टीम को शहर की छोटी-छोटी गलियों में जाकर सफाई व्यवस्था का हाल देखना चाहिए।
सर्वेक्षण को लेकर शहर में तैयारियां कर ली गईं हैं। शहरवासियों से अपील है कि वे अपने आस-पड़ोस को साफ रखने में मदद करें। इससे जब टीम आई तो शहर में साफ सफाई व्यवस्था सही मिले। जिन स्थानों पर कमियां हों, उसकी जानकारी से मुझे अवगत कराएं। -संतोष कुमार शर्मा, नगर आयुक्त, नगर निगम, शाहजहांपुर।