12वीं की परीक्षा में 96.8 प्रतिशत अंक हासिल किए मेधावी ने
केवी-1 के छात्र सत्यम 95.6 फीसदी अंक पाकर दूसरे स्थान पर रहे
कैंब्रिज कांवेंट पुवायां के शुभ रहे तीसरे स्थान पर, पाए 95.4 प्रतिशत अंक
शत प्रतिशत रहा जिले का रिजल्ट, खुशी से झूमे विद्यार्थी
सीबीएसई बोर्ड की 12वीं का परीक्षाफल रविवार को घोषित कर दिया गया। इस बार तक्षशिला पब्लिक स्कूल के छात्र अनुराग चौधरी ने 96.8 प्रतिशत अंक लेकर जिला टॉप किया है। अनुराग ने 500 में 484 अंक अर्जित किए हैं। वह इलाहाबाद बैंक के अधिकारी किशन चौधरी और मिथिलेश चौधरी के पुत्र हैं। दूसरे स्थान पर केंद्रीय विद्यालय-एक के छात्र सत्यम सिंह ने कब्जा जमाया है। एसपी कॉलेज के शिक्षक वुद्धपाल सिंह और पंकज सिंह के पुत्र सत्यम ने 95.6 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। तीसरी पायदान पर कैंब्रिज कांवेंट पुवायां के छात्र शुभ अग्रवाल रहे, जिन्होंने 95.4 प्रतिशत अंक पाए हैं। जिले का परीक्षाफल शत प्रतिशत रहा।
कई दिन से रिजल्ट के लिए मची ऊहापोह रविवार को खत्म हो गई। परीक्षाफल का जो समय बोर्ड ने दिया था, उससे एक-डेढ़ घंटे पहले ही रिजल्ट सामने आ गया। रिजल्ट देखने के लिए और सहपाठियों के साथ खुशियां बांटने के लिए छात्र-छात्राएं अपने स्कूलों में पहुंचने शुरू हो गए थे। अधिकांश विद्यार्थियों ने अपने मोबाइल पर ही रिजल्ट देख लिया था, लेकिन स्कूल संचालकों ने कंप्यूटर शिक्षकों कोे बुलाकर पूरी स्थित जानी और कहां कमी रह गई, कहां अपेक्षा से अधिक सुधार हुआ आदि बिंदुओं पर आपस में चर्चा की।
स्कूल पहुंचे छात्र-छात्राओं ने रिजल्ट की जानकारी मिलते ही खुशी से उछलना-कूदना शुुरू कर दिया था। आपस में गले मिलकर एक-दूसरे को बधाई देकर और मिठाई खिलाकर जश्न मनाए जाने लगे। स्कूल संचालकों ने भी अच्छे अंकों से विद्यालय का नाम रोशन करने वाले बच्चों को गले लगाकर और मिठाई खिलाकर बधाई दी। मोबाइल से घर पर सूचना मिलते ही घरवालों ने भी ईश्वर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रसाद अर्पित किया और सगे-संबंधियों को सूचनाओं का आदान-प्रदान किया। स्कूल संचालकों ने कहीं बच्चों को फूल मालाएं पहनाकर उनके प्रति सम्मान प्रदर्शित किया। उधर, शिक्षण संस्थाओं में छात्र-छात्राओं को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया गया।
टॉप-10 के गुलदस्ते में कई स्कूलों के फूल
मेरिट सूची में आठ कॉलेजों के छात्रों ने पाई जगह
सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में इस बार किसी एक स्कूल अथवा वर्ग का वर्चस्व नहीं रहा। रविवार को घोषित परीक्षाफल में लंबे अरसे के बाद ऐसा गुलदस्ता सजकर सामने आया, जिसमें समाज के कई वर्गों के छात्र-छात्राएं जगह बनाने में कामयाब रहे। हालांकि चिंताजनक बात यह रही कि टॉप-10 में लड़के ही छाए रहे। एसएसएमवी की अकेली छात्रा शालिनी शुक्ला ही छात्राओं का प्रतिनिधित्व टॉप-10 में कर सकीं।
बता दें कि पिछले कई साल से 12वीं में एक ही स्कूल के छात्रों का दबदबा रहता था, लेकिन इस बार जो परिणाम सामने आए, वह चौंकाने वाले तो थे ही, अन्य स्कूलों को खुश होने का मौका भी दे गए। टॉप-10 की मेरिट सूची में आने को तरस रहे स्कूल-कॉलेजों को भी इस बार सूची में स्थान पाकर अपनी शैक्षिक गुणवत्ता दिखाने का अवसर पाया। साथ ही लगभग सभी वर्गों के छात्र भी शामिल होने में सफल हो गए।
टॉप-10 में तक्षशिला पब्लिक स्कूल के सर्वाधिक चार छात्र पहले, पांचवें, आठवें और दसवें स्थान पर रहे। जबकि दूसरे स्थान पर केंद्रीय विद्यालय-एक, तीसरे स्थान पर कैंब्रिज कांवेंट पुवायां, चौथे स्थान पर श्री शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ (एसएसएमवी), छठे स्थान पर केंद्रीय विद्यालय-दो, सातवें स्थान पर बीएस पब्लिक स्कूल, आठवें स्थान पर जवाहर नवोदय विद्यालय और नौंवे स्थान पर रॉयन इंटरनेशनल स्कूल स्थान पाने में सफल रहा।
टॉप-10 की मेरिट सूची की एक विशेषता यह भी रही कि अभी तक एक ही स्कूल के छात्र सात से आठ स्थानों पर रहते थे, लेकिन इस बार की सूची मेें आठ स्कूल शामिल होने में सफल रहे। इससे शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवालिया निशान भी मिटते नजर आ रहे हैं।