सिंधौली पुलिस की गिरफ्त में भाकियू नेता। स्रोत: पुलिस
सिंधौली। भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रीयतावादी गुट के धरना-प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक गेट पर ताला जड़ने और सीडीओ का पुतला दहन कर हंगामा करने पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। देर रात बीडीओ की तहरीर पर पुलिस ने प्रांतीय उपाध्यक्ष मुनेश्वर दयाल कठेरिया समेत 18 से अधिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस ने धरनास्थल पर लगा टेंट उखाड़कर फेंक दिया। पुलिस ने कठेरिया समेत छह को जेल भेज दिया है।
भाकियू कार्यकर्ता पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर ब्लॉक परिसर में धरना दे रहे थे। कार्यकर्ताओं ने गेहूं खरीद, बिजली निगम, स्वास्थ्य और बाल विकास पुष्टाहार विभाग से जुड़ीं समस्याओं को उठाया था। सोमवार को किसानों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए ब्लॉक के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर बंद कर दिया।
इसके बाद सीडीओ का पुतला फूंकते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए खंड विकास अधिकारी ओमप्रकाश ने देर रात पुलिस को तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने भाकियू के प्रांतीय उपाध्यक्ष मुनेश्वर दयाल कठेरिया, मंडल अध्यक्ष सबील हसन खां, हरीराम वर्मा, गुलजार सिंह समेत 18 से ज्यादा कार्यकर्ताओं के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, धमकी देने और अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम की गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
पुलिस ने धरनास्थल पर दबिश देकर थाना आरसी मिशन के रौसर कोठी निवासी मुनेश्वर दयाल कठेरिया, कोरोकुइयां गांव निवासी सबील हसन, चंदपई गांव के गुलजार, पीर ताला के राजू गुप्ता, महासिर के रामभजन और मिथुन को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार दोपहर सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने धरनास्थल पर लगे टेंट को हटवा दिया। ब्लॉक परिसर में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस तैनात कर दी गई है। घटना की विवेचना सीओ पुवायां प्रवीण मलिक करेंगे।
इंस्पेक्टर रवींद्र सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपाेर्ट दर्ज कर कार्रवाई की गई। बीडीओ ओमप्रकाश ने बताया कि वह कार्यकर्ताओं का मांगपत्र लेने के लिए धरनास्थल पर गए थे। वहां उनके साथ अभद्रता करते हुए परिसर में उपद्रव कर सरकारी कार्य में बाधा डाली गई।