शाहजहांपुर। देसी शराब के आवंटन के समय जमा कराई गई सुरक्षा धनराशि में हेरफेर करने के मामले में नौ देसी शराब दुकानों के सात मालिकों पर शिकंजा कसा गया है। जिला आबकारी अधिकारी उदय प्रकाश की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
शराब की दुकान आवंटन के समय सुरक्षा धनराशि को जमा कराया जाता है। इसमें प्रत्येक वर्ष दस प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाती है। पड़ोसी जिले में सुरक्षा धनराशि में गड़बड़ी पकड़े जाने पर सहायक आबकारी आयुक्त के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम गठित कर जिले में जांच की गई।
संयुक्त टीम ने अनुज्ञापियाें द्वारा विभिन्न बैंकों में जारी कराई गई प्रतिभूति धनराशि की एफडीआर का मिलान किया। इसमें धनराशि में हेरफेर मिला। जिला आबकारी अधिकारी ने चौक कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि जैतीपुर थाना क्षेत्र के अली अकबरपुर नवादा निवासी रजनी सिंह, प्रतिभा सिंह, नीलम सिंह, अरुण प्रताप सिंह, तिलहर के मोहल्ला वहिदुल्लागंज निवासी दिनेश सिंह, उपेंद्र सिंह, तिलहर के मोहल्ला पचासा निवासी राजबेटी ने धनराशि बढ़ाकर प्रस्तुत की।
जांच में स्पष्ट हुआ कि देसी शराब दुकानों के अनुज्ञापियों ने धोखाधड़ी व कागजों में धनराशि बढ़ाकर फर्जी एफडीआर कार्यालय में प्रस्तुत की। आरोपी दुकान संचालकों के पास नौ दुकानें संचालित हैं। इंस्पेक्टर राजीव तोमर ने बताया कि मामले की विवेचना कर कार्रवाई की जाएगी।