फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कम लागत में अधिक गन्ना पैदा करने वाले 100 किसान बनेंगे ब्रांड एंबेसडर

विज्ञापन
शाहजहांपुर में भावलखेड़ा ब्लॉक के ग्राम बसुलिया में किसान महेंद्र सिंह के खेत पर गन्ना के साथ सह? - फोटो : SHAHJAHANPUR
विज्ञापन
शाहजहांपुर। जनपद मेें तकनीकी पद्धतियों से गन्ना खेती कर कम लागत में अधिक उत्पादन करने वाले 100 किसानों को ब्रांड एंबेसडर घोषित कर उनके खेत आदर्श मॉडल प्लाट के तौर पर चयनित किए जाएंगे।
विज्ञापन

प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग) संजय आर भूसरेड्डी ने किसानों को वसंतकालीन गन्ना बुआई में विभिन्न तकनीकी पद्धतियों के इस्तेमाल को प्रेरित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इस बीच, जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव ने शनिवार को भावलखेड़ा ब्लॉक के बसुलिया गांव में गन्ने के साथ सहफसली खेती का निरीक्षण कर अन्य किसानों को आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर गन्ना उत्पादन बढ़ाने को प्रेरित किया।
बता देें कि इस वर्ष जिले में 55000 हेक्टेयर क्षेत्रफल मेें वसंतकालीन गन्ना बुआई की जानी है। इसमें ट्रेंच विधि से 10592 हेक्टेयर मेें बुआई का लक्ष्य तय किया गया है। इसी के साथ सहफसली खेती के लिए 7909 हेक्टेयर और ड्रिप सिंचाई के लिए 100 हेक्टेयर रकबा निर्धारित है। डीसीओ डॉ. भार्गव ने बताया कि गन्ने की खेती में ट्रेंच प्लांटिंग, सहफसली खेती, रैटून मैनेजमेंट (पेड़ी प्रबंधन), ट्रैश मल्चिंग (फसल अवशेष प्रबंधन) और ड्रिप सिंचाई की पांच विधियां किसानों के लिए पंचामृत की तरह वरदान साबित हो रहीं हैं। इन विधियों को अपनाने से कम लागत में गन्ने का अधिक उत्पादन हो रहा है।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि इन पांचों विधियों को अपनाने वाले उन सभी किसानों के खेत आदर्श मॉडल प्लाट के तौर पर प्रदर्शित किए जाएंगे। उपज वृद्धि पर ऐसे किसानों को उत्तम गन्ना किसान का प्रमाण पत्र दिया जाएगा ताकि अन्य अन्य किसान भी प्रोत्साहित हो सकें। वसंतकालीन बुआई वाले ऐसे आदर्श मॉडल प्लाट का रकबा कम से कम 0.5 हेक्टेयर होना चाहिए और प्रत्येक गन्ना विकास परिषद के क्षेत्र में ऐसे 25-25 आदर्श मॉडल प्लाट चयनित कर संबंधित किसानों को ब्रांड एंबेसडर का दर्जा देकर उन्हें अन्य किसानों के लिए प्रेरक की भूमिका निभाने का अवसर दिया जाएगा।
डीसीओ के अनुसार बसुलिया गांव के उन्नतशील काश्तकार महेंद्र सिंह ने अपने प्लाट पर गन्ना उपज लेने में इन सभी तकनीकों का प्रयोग किया है और वह आसपास के अन्य किसानों को भी कम लागत में अधिक गन्ना उत्पादन के लिए मार्गदर्शन दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग के सभी ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों, गन्ना विकास निरीक्षकों और राजकीय पर्यवेक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर 25-25 आदर्श किसान चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों का दो दिवसीय प्रशिक्षण आरंभ
लोधीपुर स्थित गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र पर शनिवार से किसानों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हो गया। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षण में विभिन्न विकास खंडों की कई महिला किसान भी प्रतिभाग कर रहीं हैं। प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र मेें गन्ना शोध परिषद के निदेशक डॉ. ज्योत्स्नेंद्र सिंह ने सहफसली खेती और फसल सुरक्षा आदि उपायों से कम लागत मेें गन्ने की अधिक पैदावार लेने के तरीके बताए। इस मौके पर संस्थान के सहायक निदेशक पीके कपिल, कृषि वैज्ञानिक डॉ. अनेंग सिंह, डॉ. अरविंद कुमार, परिषद के प्रसार अधिकारी संजीव कुमार पाठक, जिला गन्ना अधिकारी आदि ने किसानों को उपयोगी जानकारियां दीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें