शाहजहांपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव नजदीक आने के साथ प्रधानी का सपना संजोए दावेदारों में सेवा भावना जाग गई है। मतदाताओं के लिए गजब का सेवाभाव दावेदारों में देखने को मिल रहा है।
शादी-ब्याह में मदद हो या किसी के दुख की घड़ी में शामिल होना, दावेदार कोई मौका चूक नहीं रहे हैं। मतदाता भी सेवाभाव में छिपी राजनीतिक कूटनीति को परख रहे हैं।
जिले में 1069 ग्राम पंचायत हैं। इसके अलावा 47 जिला पंचायत सदस्य हैं। इसके साथ ही बीडीसी सदस्य बनने के लिए भी लोगों ने अपनी दावेदारी मजबूत करनी शुरू कर दी है। अब ज्यादा समय नहीं बचा है। इस वजह से मतदाताओं को लुभाने के लिए दावेदार कोरकसर नहीं छोड़ रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों में दावेदार मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए उनके हर सुख-दुख में खड़े हो रहे हैं। कई बार देखने में आता है कि आर्थिक रूप से कमजोर मतदाताओं के घर में कोई बीमार पड़ जाता है तो उसे अस्पताल पहुंचाने और इलाज कराने के लिए प्रत्याशियों की लाइन लग जाती है। इसी तरह से आर्थिक रूप से कमजोर मतदाता के परिवार के किसी सदस्य की मौत हो जाती है तब भी प्रत्याशी अंतिम संस्कार आदि का पूरा खर्च वहन करने को आतुर नजर आते हैं।
गांव में अगर कोई बीमार पड़ जाए तो एंबुलेंस आने से पहले दावेदार अपने चार पहिया वाहन को लेकर पहुंच जाते हैं। अस्पताल लाकर उनकी तीमारदारी में भी हाजिर रहते हैं। रुपये से भी मदद करने में हाथ पीछे नहीं खींचते हैं। ग्रामीण मतदाता भी समझते हैं कि चार साल तक कभी नजर न आने वाले दावेदार किस मकसद से मदद में हाजिर हो रहे हैं।
हालांकि फौरी तौर पर मदद मिलने से ग्रामीणों को आसानी हो रही है। वहीं, दावेदारों में एक-एक मतदाता को अपने पाले में करने का दबाव है।