शाहजहांपुर। मिलावट के धंधेबाज तेल में खेल करने से बाज नहीं आ रहे। माना जा रहा है कि जब से मलेशियन पाम ऑयल के आयात पर रोक लगाई गई है, तब से न केवल सरसों तेल, बल्कि सोयाबीन, राइसब्रॉन, सूरजमुखी, मूंगफली आदि तेलों में मिलावट बढ़ गई है। रिफाइंड जैसे दिखने वाले सस्ते नेपाली तेल में एसेंस (सुगंध) मिलाकर उसे सरसों के तेल के तौर पर बेच रहे हैं। यही तेल अन्य खाद्य तेलों में भी खपाया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने तेल के तमाम नमूने प्रयोगशाला की जांच में फेल होने पर कई मिलावटखोरों के खिलाफ मुकदमे भी दायर कर रखे हैं।
मिलावटी सरसों तेल की बिक्री पर हो चुका जुर्माना
केंद्र सरकार ने पाम आयल का आयात प्रतिबंधित किया तो खाद्य तेल में मिलावट और उनकी पैकेजिंग में गड़बड़ी का खेल शुरू हो गया। धंधेबाजों ने रिफाइंड जैसे दिखने वाले सस्ते नेपाली तेल का आयात कर उसमें रासायनिक अखाद्य रंग और एसेंस (सुगंध) मिलाकर उसकी पाम आयल और सरसों के तेल के तौर पर बिक्री शुरू कर दी थी। इस धंधे पर रोक लगाने के लिए एफएसडीए ने छापेमारी शुरू कर दी। इस दौरान केरूगंज तेल मंडी और मिश्रीपुर के एक तेल गोदाम समेत बहादुरगंज गल्ला मंडी में कई दुकानों से तेल के पांच-छह नमूने लिए थे। इनमें से कई नमूने अधोमानक पाए जाने पर संबंधितों पर जुर्माना की कार्रवाई भी हुई। हालांकि बाद में लिए तेल के कई नमूनों में भी मिलावट पाई गई।
पुवायां में कार्रवाई का सहना पड़ा विरोध
मिलावटी खाद्य तेल के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत एफएसडीए के अधिकारियों को सुराग लगा कि पुवायां में तेल के कुछ बड़े धंधेबाजों ने कच्चा माल (नेपाली तेल) रखने के लिए गोदामों मेें भूमिगत टैंक बना रखे हैं। इन गोदामों की तलाश में विभागीय टीम ने पुवायां के कुछ प्रतिष्ठानों पर दस्तक देने के साथ पूछताछ शुरू की तो वहां के कुछ व्यापारियों ने छापा कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया। नतीजतन, टीम को दुकानों से तेल के दो नमूने लेकर लौटना पड़ा, लेकिन मिलावटी तेल के गोदामों की लोकेशन नहीं मिल सकी।
एफएसएसएआई को भेजी जा चुकी नमूनों की रिपोर्ट
कार्रवाई के विरोध से जुड़े ऐसे कई मामले अन्य राज्यों में भी सामने आने पर भारतीय मानक एवं खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने उन्हें गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय स्तर पर मिलावटी तेल के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्णय किया है। भारत सरकार के खाद्य मंत्रालय के माध्यम से एफएसएसएआई से मिले दिशा निर्देशों के अनुसार गत वर्ष अगस्त में जिले में तेल के विभिन्न प्रतिष्ठानों और गोदामों से आठ नमूने लिए गए थे। इनमें सरसों तेल, राइस ब्रान आयल और सोयाबीन रिफाइंड आदि तेल के नमूने शामिल हैं।
तेल के लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट विभागीय आयुक्त के माध्यम से भारत सरकार को भेजी गई है। इसके बाद भी खाद्य तेलों के नमूने निरंतर लिए जा रहे हैं। खाद्य तेलों में प्रतिबंधित रंग की मिलावट उपभोक्ता स्वयं परख सकते हैं। इसके लिए तेल में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मिलाने पर लाल रंग दिखने पर मान लें कि उसमेें अखाद्य रंग मिला है। -विजय कुमार वर्मा, अभिहीत अधिकारी, एफएसडीए
आज-कल जिले में रहेगी फूड सेफ्टी मोबाइल वैन
फूड सेफ्टी मोबाइल वैन 23 जून को जलालाबाद और 24 जून को कलान क्षेत्र में रहेगी। लोगों को विशेषज्ञ घरेलू एवं पारंपरिक उपायों से मिलावट की परख करने के तरीके बताएंगे। लोग खाद्य पदार्थों की जांच भी करा सकते हैं।