फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक ऐसा बस स्टैंड, जहां नहीं रुकती हैं राडवेज बसें

विज्ञापन
तिलहर का सुनसान पड़ा रोडवेज बस स्टॉप - फोटो : SHAHJAHANPUR
विज्ञापन
तिलहर। नगर के मौजमपुर में रोडवेज बस अड्डा सिर्फ नाम का है। परिवहन निगम के आदेशों के तहत यहां शाहजहांपुर, बरेली, गोला, हरदोई सहित रोडवेज की तमाम बसों का ठहराव होना चाहिए। इसके बावजूद निगम के चालक-परिचालक अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करते हुए यहां पर बसें नहीं रोक रहे। शाहजहांपुर डिपो की लोकल रूट की बसें भी कुछ दिनों से यहां पर न के बराबर आ रही हैं। तहसील क्षेत्र से प्रतिदिन तिलहर होकर सैकड़ों यात्री शाहजहांपुर और बरेली की यात्रा करते हैं। बसे न होने से यात्री डग्गामार वाहनों का सहारा लेते हैं।
विज्ञापन

तत्काल सुधार हो
रोडवेज बस स्टैंड पर बसें नहीं आती हैं। बरेली से तिलहर आने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। चालक-परिचालक मनमानी करते हुए बरेली से बसों को बीसलपुर होते हुए शाहजहांपुर ले जाते हैं। तिलहर के यात्रियों को इंतजार करना पड़ता है। तत्काल सुधार करना चाहिए। -संजय मिश्रा एडवोकेट।
मनमानी करते हैं चालक
मुझे बरेली से तिलहर प्रतिदिन आना पड़ता है। परिवहन व्यवस्था ठीक न होने के कारण भारी मुसीबत का सामना करना पड़ता है। कई घंटे तिलहर और बरेली आने-जाने में लग जाते हैं। लोकल बसों के चालक-परिचालक भी अपनी मनमानी करते हैं। -डॉ. तनवीर खां।
विज्ञापन

अधिकारी नहीं देते ध्यान
तिलहर की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। अधिकारी बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं। शाहजहांपुर डिपो के चालक-परिचालक बसों को अंदर नहीं लाते हैं और हाईवे से ही निकल जाते हैं। उच्चाधिकारियों को यात्रियों की इस बड़ी समस्या पर ध्यान देना चाहिए। -सरदार शिव कुमार सिंह।
कई घंटे करते हैं इंतजार
परिवहन व्यवस्था ध्वस्त होने से व्यापारियों को बहुत परेशानी उठानी पड़ रही है। बरेली जाने वाले व्यापारियों को कई घंटे इंतजार करना पड़ता है। उच्च अधिकारियों के आदेशों के बावजूद तिलहर में डिपो की बसें नहीं रुक रही है। व्यापारी आंदोलन को मजबूर होंगे। -हितेश गुप्ता रिंकू, अध्यक्ष व्यापार मंडल।
हाईवे पर बरेली और बदायूं डिपो की बसें ज्यादा दौड़ती हैं। ये बसें आगे निकलने से स्थानीय डिपो के बस चालकों को यात्री नहीं मिल पाते हैं। दूसरी तरफ तिलहर बस अड्डे के अंदर सवारियां ज्यादा नहीं मिलती हैं। इसके चलते चालक बस अड्डे तक जाने से कतराते हैं। फिर भी बस अड्डे तक बसों को भेजने के लिए सख्ती की गई। बसों के वे-बिल चेक कर रहे हैं। जिनके बिल पर तिलहर की मुहर नहीं लगी होती है, उन पर जुर्माने के तहत वेतन व मानदेय में कटौती की जा रही है। -एसके निगम, प्रभारी, शाहजहांपुर डिपो।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें