पुवायां। सरकार की ओर से बरेली में एयरपोर्ट शुरू करके मंडल के लोगों को हवाई यात्रा का तोहफा दिया गया है, लेकिन इसके उलट देखें तो ‘मिनी पंजाब’ के नाम से मशहूर पुवायां तहसील क्षेत्र का एकमात्र बस अड्डा बदहाल हालात में चल रहा है। इसके अलावा खुटार और बंडा में तो बस अड्डा ही नहीं है। यहां खुले में बसें खड़ी होती हैं और यात्री भी रोड किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करते हैं। रोडवेज बस अड्डे के हाल यहां तब ऐसा है जबकि यहां के लोगों के पास बाहर जाने का एकमात्र रास्ता बसें ही हैं। ऐसा भी नहीं कि यहां की जनता ने मांग नहीं की। हर चुनाव में बस अड्डे के मुद्दा उठता है, लेकिन वह सिर्फ चुनाव तक ही सीमित रह जाता है। कुछ माह पूर्व विधायक चेतराम ने शासन स्तर पर पुवायां बस अड्डे का जीर्णोद्धार कराने के लिए पत्राचार किया था, लेकिन उसके एवज में सिर्फ पुरानी बिल्डिंग की चूने से पुताई कराकर उसे नया बनवाने का प्रयास करके मामले को निपटा दिया गया।
पुवायां : बस अड्डे पर गायब मूलभूत सुविधाएं
पुवायां में सिर्फ कहने के लिए बस स्टेशन है। यहां पर सिर्फ खुटार रोड पर जाने वाली बसें सुबह से शाम पांच बजे तक जाती हैं। शाम ढलते ही बस अड्डा अंधेरे में डूब जाता है और रात में गुजरने वाली बसें यहां नहीं आती हैं। यहां बैठने के लिए बेंच आदि की भी समुचित व्यवस्था नहीं है।
खुटार : रोड पर तमाम जगह रुकती हैं बसें
खुटार में बस अड्डे के नाम पर कई साल पहले थाने के पास एक टिनशेड डाला गया था, लेकिन यहां बसें कभी नहीं रुकी और न ही यहां पर कभी यात्री रुके। खुटार कस्बे में मेन चौराहे से लेकर तिकुनियां तक तमाम जगह पर यात्रियों को बिठाने और उतारने के लिए बसें रुकती हैं। इसके अलावा यात्रियों को रोड किनारे खड़े होकर काफी देर तक बसों का इंतजार करना पड़ता है। ब्लॉक मुख्यालय पर रोडवेज का बस स्टेशन नहीं होना विकास की पोल खोल रहा है।
बंडा : मेन रोड पर खड़ी होती हैं बसें
बंडा में भी बस अड्डे के नाम पर मेन चौराहे के पास पुवायां रोड पर सड़क किनारे एक टिनशेड डालकर कई साल पहले बस अड्डा बनाया गया। जिसका टिनशेड गलकर खराब हो गया और अब बस अड्डे के नाम पर रोडवेज की बसें पुवायां रोड पर दुकानों के सामने खड़ी होकर सवारियों को बिठाती हैं। इससे आसपास के दुकानदारों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
खुटार में बस स्टॉप न होने के कारण यात्रियों को धूप और बरसात में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। देश की राजधानी दिल्ली से पड़ोसी देश नेपाल सीमा तक आने जाने वाली बसे खुटार से ही निकलती हैं, लेकिन बस अड्डा न होने के कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। - विकास मिश्रा, पूर्व सभासद व शिक्षक खुटार
पुवायां में बस स्टैंड का कायाकल्प होना है। इसे स्वीकृति भी मिल चुकी है, लेकिन अभी राशि जारी नहीं हुई है। खुटार, बंडा में बस अड्डे की स्वीकृति के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। -चेतराम, विधायक पुवायां