परिवार के साथ सो रहे एक दिव्यांग के घर में आग लग जाने से सब कुछ जलकर राख हो गया। आग लगने से दिव्यांग के सामने परिवार को रोटी खिलाने तक की परेशानी आ गई है।
क्षेत्र के गांव पटनी निवासी नन्हेंलाल दिव्यांग होने के बावजूद मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण कर रहा है। शुक्रवार की रात वह अपने परिवार के लोगों के साथ घर में सो रहा था। रात में दो बजे अचानक छप्परनुमा घर में आग लग गई। आग की रोशनी से उसकी आंख खुली तो उसने शोर मचाते हुए बचाने की गुहार की। आसपास के लोग भाग कर मौके पर पहुंचे और नन्हेंलाल के साथ ही उसकी पत्नी मुन्नी देवी, तीन वर्षीय पुत्री सुनैना और एक वर्षीय इंदू को बाहर निकला। इसके बाद गांव के लोगों ने आग पर काबू पाया। जब तक आग को बुझाया गया तक तक घर में रखा अनाज, कपड़ा, चारपाई आदि सारा सामान जलकर राख हो चुका था। आग में सब कुछ जल जाने के कारण दिव्यांग का परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। सूचना पाकर लेखपाल और ग्राम प्रधान परमेश्वरदीन वर्मा ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी लेकर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।